इस वर्ष का आखिरी प्रदोष व्रत 23 दिसंबर को है। यह प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है और सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहते हैं। सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव भक्तों के लिए खास है। इस दिन भोलेनाथ की पूजा करने वाले लोगों को डबल फायदा होने वाला है। इस दिन जो भी व्यक्ति भगवान शिव की पूजा करेगा और व्रत रखेगा उस पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बनी रहेगी।
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साल का आखिरी प्रदोष व्रत आज, जानें पूजा विधि और उपाय
Mon, 23 Dec 2019 06:34 AM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Mon, 23 Dec 2019 06:34 AM IST
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प्रदोष व्रत की विधि
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भगवान शिव
- फोटो : Pixabay
प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत के दिन शिव जी के साथ माता पार्वती की भी पूजा होती है। इस व्रत को करने से भगवान शिव और माता पार्वती प्रसन्न होकर आपकी सारी इच्छाओं को पूरा करते हैं। इस दिन श्रद्धा पूर्वक व्रत करने से रुके हुए कार्यों में सफलता मिलती है। इस दिन विधि-विधान से व्रत करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती है। भगवान आपको मनोवांछित फल देते हैं।
मंदिरों में शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा
पूजा विधि
- इस दिन सुबह उठकर स्नान करने के बाद सफेद वस्त्र धारण करना चाहिए।
- इसके बाद मन में भगवान शिव का नाम जपते रहना चाहिए।
- इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर पूजा करना ज्यादा फलदायक होता है।
- शंकर भगवान के प्रिय चीजों को पूजा में शामिल करें।
- पूजा के दौरान कच्चा दूध, सफेद फूल, बेल पत्र, दही, चंदन, भांग अर्पित करने से शिव जी खुश होते हैं।
- साथ में गंगाजल ले जाना न भूलें।
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भगवान शिव
- फोटो : अमर उजाला
उपाय
- हिंदू पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत महीने में दो बार आता है। इस व्रत को करने के दौरान अगर लोहा, तिल, काली उड़द, शकरकंद, मूली, कंबल, जूता और कोयला आदि चीजों का दान किया जाए तो शनि ग्रह से मुक्ति मिलती है।