अन्नपूर्णा जयंती: मां पार्वती ने इस तिथि पर लिया था अन्नपूर्णा देवी का रूप, जानें कथा और पूजा विधि
इस दिन क्या करें
माता अन्नपूर्णा अन्न की देवी हैं। हमें अन्न का अनादर नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन रसोई, चूल्हे, गैस आदि का पूजन करने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है और अन्नपूर्णा देवी की कृपा सदा बनी रहती है। अन्नपूर्णा जयंती के दिन मां अन्नपूर्णा की पूजा की जाती है और इस दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्त्व होता है। इस दिन घर की गृहणियां चूल्हे पर चावल और मिठाई का प्रसाद लगाकर घी का दीपक जलाती हैं। इस दिन बिना नमक का भोजन ग्रहण करना चाहिए।
पूजन विधि
- इस दिन सुबह रसोई घर में साफ- सफाई करनी चाहिए और गंगा जल छिड़ककर घर को शुद्ध करना चाहिए।
- भोजन पकाने वाले चूल्हें का हल्दी, कुमकुम, चावल, पुष्प, धूप और दीपक से पूजन करें।
- रसोई घर में ही माता पार्वती एवं भगवान शंकरजी की पूजा करनी चाहिए।
- रसोई घर में ही मां अन्नपूर्णा की पूजा करें और प्रार्थना करें कि हे, माता हमारे घर-परिवार में सदैव अन्न, जल भरा रहे।
- पूजा के बाद घर में बना हुआ भोजन गरीबों को खिलाएं।