10 जनवरी को पौष के महीने की पूर्णिमा है और इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस तिथि पर तीर्थ में स्नान करने से और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मोक्ष प्राप्ति के लिए इस दिन का बहुत अधिक महत्व होता है। पौष पूर्णिमा पर काशी, प्रयाग और हरिद्वार में स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। आइए, अगली स्लाइड्स में जानते हैं स्नान, दान का महत्व और शुभ मुहूर्त...
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पौष पूर्णिमा 10 को जानें स्नान, दान का महत्व और शुभ मुहूर्त
Thu, 09 Jan 2020 09:25 AM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Thu, 09 Jan 2020 09:25 AM IST
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पूर्णिमा मुहूर्त
स्नान, पूजन और दान पुण्यकाल
- पूर्णिमा प्रारंभ 10 जनवरी रात 2.30 बजे से।
- पूर्णिमा सम्पात 11 जनवरी की रात 12.10 बजे।
स्नान, पूजन और दान पुण्यकाल
- 10 जनवरी
पूर्णिमा स्नान विधि
- पौष पूर्णिमा पर सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए।
- संभव हो तो इस दिन तीर्थ या पवित्र नदियों में स्नान करें।
- अगर आप तीर्थ या पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर पाएंगे तो इस दिन नहाने वाले पानी में गंगाजल मिलाना चाहिए।
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साल का पहला चंद्रग्रहण
- पौष पूर्णिमा के पावन दिन शुक्रवार 10 जनवरी काे ही इस साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगेगा। इस चंद्र ग्रहण की अवधी लगभग 4 घंटे की रहेगी। ग्रहण की शुरुआत 10 जनवरी की रात्रि 10 बजकर 39 मिनट से हो जाएगी और यह 2 बजकर 40 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। हालांकि भारत में सिर्फ छाया चंद्रग्रहण ही पड़ेगा। इस वर्ष भारत में सिर्फ छाया चंद्र ग्रहण होने से इसका अधिक महत्व नहीं है। परंतु पूर्णिमा की वजह से इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व रहेगा।