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नवरोज 2019: पारसी समाज के लोगों का आज है नया साल, जानें किस तरह मनाते हैं नववर्ष
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत राय
Updated Sat, 17 Aug 2019 12:16 PM IST
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भारत में रहने वाले पारसी समुदाय के लोग 17 अगस्त यानी की शनिवार को पूरे देश भर में धूमधाम से नया साल मना रहे हैं। पारसी समाज में इस नववर्ष को नवरोज कहा जाता हैं। पारसी समाज के लोग आस्था, उल्लास, उमंग और उत्साह के साथ ये त्योहार मनाते हैं। प्रतिवर्ष अगस्त माह में पारसी समाज के लोग अपनी सामाजिक परंपरा के मुताबिक नववर्ष मनाते हैं। देश-दुनिया भर में पारसी धर्म के लोग इस त्योहार को पारसी पंचांग के पहले महीने के पहले दिन बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। भारत में पारसी समुदाय के लोग नवरोज शहंशाही पंचांग के मुताबिक मनाते हैं।
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लोक कथाओं के मुताबिक नबी जरथुश्त्र ने यह पर्व बनाया था और यह त्योहार आज भी महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में एक मुख्य त्योहार के रूप में मनाते हैं। वैसे तो पूरे विश्व के दूसरे पारसी समुदायों के बीच 21 मार्च को नवरोज का पर्व मनाया जाता है।नवरोज़, फारस के राजा जमशेद की याद में मनाते हैं, जिन्होंने पारसी कैलेंडर की स्थापना की थी। इस दिन पारसी परिवार के लोग नए कपड़े पहनकर अपने उपासना स्थल फायर टेंपल जाते हैं और प्रार्थना के बाद एक दूसरे को नए साल की मुबारकबाद देते हैं। साथ ही इस दिन घर की साफ-सफाई कर घर के बाहर रंगोली बनाई जाती है और कई तरह के पकवान भी बनते हैं।
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दरअसल सातवीं शाताब्दी में जब ईरान में धर्म परिवर्तन की मुहिम चली तो वहां के कई पारसियों ने अपना धर्म परिवर्तित कर लिया, लेकिन कई पारसी जिन्हें यह धर्म परिवर्तन करना मंजूर नहीं था वे लोग ईरान को छोड़कर भारत आ गए। और इसी धरती पर अपने संस्कारों को सहेज कर रखना शुरू कर दिया।
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भारत और पाकिस्तान में बसे पारसी समुदाय के लोग विश्व के दूसरे देशों में बसे हुए पारसी के 200 दिनों के बाद अगस्त महीने नया वर्ष मनाते हैं। भारत में ज्यादातर पारसी समुदाय गुजरात और महाराष्ट्र में बसे हुए है इस वजह से यह पर्व वहां जोर शोर से मनाया जाता है।
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नववर्ष पारसी समुदाय में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। पारसी धर्म में इसे खौरदाद साल के नाम से जाना जाता है। पारसियों में 1 साल 360 दिन का होता है और बाकी बचें 5 दिन गाथा के रूप में अपने पूर्वजों को याद करने के लिए रखा जाता है। साल के खत्म होने के ठीक 5 दिन पहले इसे मनाया जाता है।
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