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Masik Durgashtami 2023: मार्गशीर्ष माह की मासिक दुर्गाष्टमी कब? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Fri, 15 Dec 2023 12:39 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Fri, 15 Dec 2023 12:39 AM IST
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Masik Durga Ashtami 2023 in December Date Kab Hai Masik Ashtami Shubh Muhurat Puja Vidhi
मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock

December Masik Durgashtami 2023: मां दुर्गा शक्ति स्वरूपा हैं। ये हर पल अपने भक्तों का ख्याल रखती हैं, लेकिन शास्त्रों कुछ ऐसी खास तिथियों का वर्णन किया गया है, जब माता रानी की पूजा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इन्हीं तिथियों में से है नवरात्रि और मासिक दुर्गाष्टमी। कहा जाता है कि इस दौरान मां दुर्गा पृथ्वी पर निवास करती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को सुनती हैं, इसलिए इस दौरान पूजा का लाभ भी जल्दी मिलता है। पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस समय मार्गशीर्ष माह चल रहा है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल मार्गशीर्ष माह की मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि और पूजा विधि के बारे में... 



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Masik Durga Ashtami 2023 in December Date Kab Hai Masik Ashtami Shubh Muhurat Puja Vidhi
मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock

मासिक दुर्गाष्टमी तिथि
पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 19 दिसंबर को दोपहर 1 बजकर 7 मिनट से हो रही है। इसका समापन 20 दिसंबर सुबह 11 बजकर 14 मिनट पर होगा। उदया तिथि को देखते हुए 20 दिसंबर को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाएगा।

Masik Durga Ashtami 2023 in December Date Kab Hai Masik Ashtami Shubh Muhurat Puja Vidhi
मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock
मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि
  • मासिक दुर्गाष्टमी के दिन सुबह उठकर जल्दी से स्नान कर लें। 
  • फिर जिस जगह पूजा करनी है, उस स्थान पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें। 
  • पूजा के दौरान मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें। 
  • साथ ही घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। 
  • माता रानी को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें। 
  • प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं। 
  • आखिर में धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और फिर मां दुर्गा की आरती करें।
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Masik Durga Ashtami 2023 in December Date Kab Hai Masik Ashtami Shubh Muhurat Puja Vidhi
मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock

दुर्गाष्टमी का महत्व
नवरात्रि में पड़ने वाली अष्टमी तिथि के अलावा प्रत्येक माह की अष्टमी तिथि भी मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए खास मानी जाती है। मान्यता है कि प्रत्येक माह में दुर्गाष्टमी के दिन शक्ति की उपासना करने से जीवन की सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। साथ ही मां दुर्गा अपने भक्तों की हर मुसीबत से रक्षा करती हैं।

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Masik Durga Ashtami 2023 in December Date Kab Hai Masik Ashtami Shubh Muhurat Puja Vidhi
मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock

मां दुर्गा की आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
जय अम्बे गौरी
माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको॥
जय अम्बे गौरी

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥
जय अम्बे गौरी
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥
जय अम्बे गौरी

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥
जय अम्बे गौरी
शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥
जय अम्बे गौरी

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
जय अम्बे गौरी
ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी।
आगम-निगम-बखानी, तुम शिव पटरानी॥
जय अम्बे गौरी

चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरूँ।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु॥
जय अम्बे गौरी
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥
जय अम्बे गौरी

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी।
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी॥
जय अम्बे गौरी
कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥
जय अम्बे गौरी

श्री अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
जय अम्बे गौरी

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