Mahashivratri 2026: 15 फरवरी 2026 का दिन सभी शिव भक्तों के लिए बेहद खास है। इस तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर देशभर के शिवालयों में पूजा-पाठ से लेकर भजन कीर्तन का दिव्य आयोजन किया जाता है। यही नहीं कुछ स्थानों पर शिव बारात भी निकाली जाती हैं, जो महादेव और देवी पार्वती को समर्पित है। मान्यता है कि, शिव-शक्ति के मिलन के शुभ अवसर पर पूजा पाठ, दान व उपवास रखने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही सुख में वृद्धि, मनचाहा जीवन साथी, प्रेम जीवन सुखमय और व्यक्ति डर भय से दूर होता है। इस दौरान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र, मिठाई, दूध, भांग आदि चढ़ाएं जाते हैं। हालांकि, कुछ फलों का उपयोग भी प्रभु की विशेष कृपा पाने के लिए किया जाता है। परंतु कुछ फल शिव जी को चढ़ाने से बचना चाहिए अन्यथा अशुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। ऐसे में आइए इन सभी के बारे में जानते हैं।
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Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को कौन सा फूल चढ़ाएं और कौन सा नहीं, यहां जानें
Sun, 15 Feb 2026 05:58 AM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा कुमारी
Updated Sun, 15 Feb 2026 05:58 AM IST
सार
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर महादेव की पूजा में कुछ खास फूलों का उपयोग करने से प्रभु प्रसन्न होते हैं। साथ ही साधक पर अपनी कृपा बरसाते हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं।
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Mahashivratri 2026
- फोटो : अमर उजाला
Mahashivratri 2026
- फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि 4 प्रहर पूजा मुहूर्त 2026
- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:39 से 09:45
- रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय -शाम 09:45 से 12:52
- रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - सुबह 12:52 से 03:59
- रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - सुबह 03:59 से 07:06
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Mahashivratri 2026
- फोटो : freepik
चार प्रहर की पूजा में मंत्र जाप
- प्रथम प्रहर का मंत्र- 'ह्रीं ईशानाय नमः'
- दूसरे प्रहर मंत्र- 'ह्रीं अघोराय नम:'
- तीसरे प्रहर मंत्र- 'ह्रीं वामदेवाय नमः'
- चौथे प्रहर मंत्र- 'ह्रीं सद्योजाताय नमः
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Mahashivratri 2026
- फोटो : adobe
महादेव को अर्पित करने चाहिए ये फूल
- महाशिवरात्रि के शुभ दिन पर भोलेनाथ को धतूरा और उसका फूल अर्पित करना चाहिए। इसे बेहद शुभ माना जाता है।
- शिव जी को आप आक के फूल चढ़ाएं। इससे प्रभु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं। यही नहीं साधक की मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं।
- मान्यता है कि, सफेद फूल महाकाल को अर्पित करने से अटके कार्यों को गति मिलती हैं। साथ ही देवी पार्वती की कृपा भी बनी रहती हैं।
- महाशिवरात्रि पर आप शिव जी को शमी के फूल अवश्य चढ़ाएं। यह प्रभु को अति प्रिय है। इससे वह शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं।
- प्राजक्ता के फूल महादेव को अर्पित करें। इससे धन लाभ और सुख बढ़ता है।
- सफेद कनेर के फूल चढ़ाने से प्रेम जीवन सुखमय होता है।
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Mahashivratri 2026
- फोटो : adobe
शिव जी को न चढ़ाएं ये फूल
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
- केतकी, केवड़ा व चंपा चमेली के फूल महादेव को नहीं चढ़ाने चाहिए। ऐसा करना अशुभ होता है।
- आप लाल रंग के फूल, कांटेदार व मुरझाए फूल भी पूजा में शामिल न करें।
- तुलसी का पत्ता भी पूजा में उपयोग नहीं करना चाहिए अन्यथा मानसिक शांति प्रभावित हो सकती हैं।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।