{"_id":"5e4bcd738ebc3ef2ce77ab8e","slug":"mahashivratri-2020-special-coincidence-puja-vidhi-and-shubh-muhurat","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"117 साल बाद इस महाशिवरात्रि पर शनि और शुक्र का दुर्लभ योग, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
117 साल बाद इस महाशिवरात्रि पर शनि और शुक्र का दुर्लभ योग, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
Fri, 21 Feb 2020 09:08 AM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Fri, 21 Feb 2020 09:08 AM IST
विज्ञापन
mahashivratri 2020
mahashivratri 2020
117 साल बाद शनि और शुक्र का दुर्लभ योग बन रहा है
- इस बार महाशिवरात्रि पर कई तरह के शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है जिसे बेहत शुभ माना जाता है। इस शिव रात्रि पर 117 साल बाद शनि और शुक्र का दुर्लभ योग बन रहा है। महाशिवरात्रि पर शनि स्वयं की राशि मकर और शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में रहेगा। इससे पहले 1903 में इन ग्रहों का ऐसा संयोग बना था।
mahashivratri 2020
शनि और चंद्रमा का संयोग
- महाशिवरात्रि पर शनि और चंद्रमा के संयोग से शश योग बन रहा है। इस संयोग में शिव आराधना का विशेष फल मिलता है। चंद्रमा मन का और शनि ऊर्जा का कारक है। महाशिवरात्रि पर सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है। इस योग में शिव-पार्वती का पूजन श्रेष्ठ माना गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
mahashivratri 2020
पूजा विधि
- हिंदू धर्म के अनुसार भगवान शिव पर पूजा करते वक्त बिल्वपत्र, शहद, दूध, दही, शक्कर और गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी सारी समस्याएं दूर होंगी साथ ही मांगी हुई मुराद भी पूरी होगी।
विज्ञापन
mahashivratri 2020
शुभ मुहू्र्त
- 21 तारीख को शाम को 5 बजकर 20 मिनट से 22 फरवरी, शनिवार को शाम सात बजकर 2 मिनट तक रहेगी।
रात्रि प्रहर पूजा मुहू्र्त
- शाम को 6 बजकर 41 मिनट से रात 12 बजकर 52 मिनट तक होगी।