Karwa Chauth Parana time 2025: करवा चौथ का त्योहार विवाहित महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन वे निर्जला व्रत रखती हैं और माता करवा से अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत, सुरक्षा तथा वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना करती हैं। व्रत वाले दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं, जिसके बाद सूर्योदय के साथ उनका उपवास शुरू हो जाता है। वे पूरे दिन बिना पानी-पानी के निर्जला व्रत निभाती हैं।
Karwa Chauth Paran Rules: करवा चौथ का व्रत पारण कैसे करें? उपवास खोलने का सही समय और विधि
Karwa Chauth Vrat Paran Rules: करवा चौथ के दिन दिन वे निर्जला व्रत रखती हैं और माता करवा से अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। व्रत खोलते समय कुछ खास नियमों का पालन करना आवश्यक होता है, ताकि व्रत का पूर्ण फल मिल सके और पति-पत्नी के जीवन में सुख-शांति बनी रहे।
व्रत का पारण कैसे करें?
- चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद, उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखें, जिससे आपने चंद्रमा को देखा था।
- पति के हाथ से जल ग्रहण करें।
- कुछ मीठा जैसे पानी पूरी, मिठाई या फल खाकर व्रत खोलें।
- व्रत खोलने के बाद सात्त्विक भोजन लें, जो हल्का और पवित्र होता है।
- इस दिन तामसिक भोजन (जैसे मांसाहारी, भारी या तली हुई चीज़ें) का सेवन न करें।
- पारण करते समय धार्मिक नियमों का पूरी तरह से पालन करें ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो।
- इससे पति-पत्नी के जीवन में खुशहाली और सौभाग्य बना रहता है।
कब करें व्रत का पारण?
इस साल करवा चौथ के दिन चंद्रमा उदय का समय रात 8 बजकर 13 मिनट है। इसलिए महिलाएं चंद्रमा का दर्शन और उसे अर्घ्य अर्पित करने के बाद, इसी समय से अपना व्रत खोल सकती हैं। इस शुभ मुहूर्त में व्रत पारण करने से व्रत का पूरा पुण्य प्राप्त होता है और पति की लंबी आयु व खुशहाली की कामना पूरी होती है।
चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?
करवा चौथ के व्रत का पारण करने से पहले चंद्रमा को अर्घ्य देना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि इसके बिना पूजा पूरी नहीं मानी जाती। इसके लिए सबसे पहले एक लोटे या छोटे बर्तन में दूध, अक्षत (अक्षत यानी बिना टूटे हुए चावल), चीनी और जल मिलाएं। इसके बाद पूजा की थाली हाथ में लेकर चांद की आरती करें।
चंद्रमा का दर्शन करने के लिए आप एक साफ़ छलनी का इस्तेमाल करें और उसकी मदद से धीरे-धीरे चांद को देखें। फिर उसी लोटे में रखा मिश्रण चंद्रमा को अर्पित करें और अपने पति की लंबी उम्र और सुख-शांति की मनोकामना करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।