Jyestha Adhik Purnima: ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा 30 मई 2026 को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि, इस दिन विधि-विधान से पूजा-पाठ और स्नान-दान करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति का आगमन होता है। शास्त्रों के अनुसार, अधिकमास पूर्णिमा हर 3 साल में सिर्फ एक बार पड़ती है। इसलिए इस दिन किए गए शुभ कार्य कई गुना फल प्रदान करते हैं। माना जाता है कि, इस शुभ दिन चंद्र देव की पूजा कर उन्हें अर्घ्य अर्पित करना भी बेहद शुभ माना गया है। इससे मानसिक तनाव कम होता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। आइए इस दिन के सरल उपाय और दान को जानते हैं।
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Jyestha Adhik Purnima 2026: शुभ संयोग में ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा, जानें सरल उपाय और दान
Sat, 30 May 2026 01:58 AM IST
Megha Kumari
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Megha Kumari
Updated Sat, 30 May 2026 01:58 AM IST
सार
Jyestha Adhik Purnima: ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा पर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से कई प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलने की मान्यता है और पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
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पुरुषोत्तम मास पूर्णिमा
- फोटो : amar ujala
ज्येष्ठ अधिक मास 2026
- फोटो : adobe stock
ज्येष्ठ अधिक मास 2026
- ज्येष्ठ अधिक मास पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ- 30 मई 2026, शनिवार, प्रातः 11:57 बजे से
- ज्येष्ठ अधिक मास पूर्णिमा तिथि समाप्त-31 मई 2026, रविवार ,दोपहर 02:14 बजे तक
- ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा 30 मई 2026, शनिवार को मान्य रहेगी।
- स्नान-दान की अधिक पूर्णिमा 31 मई 2026, रविवार के दिन रहेगी।
- चंद्रोदय समय: सायं 07:36 बजे
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ज्येष्ठ अधिक मास 2026
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ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर क्या दान करें
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर जल से भरे मटके का दान करें। यह बेहद शुभ माना जाता है। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और गर्मी से राहत देने का भाव भी जुड़ा होता है।
- इस शुभ तिथि पर छाता, हाथ के पंखे, चप्पल दान करना लाभकारी होता है। इसके प्रभाव से घर में बरकत बढ़ती हैं और दोष दूर होने लगते हैं।
- ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर अनाज का दान करने से घर में अन्न-धन की कमी नहीं रहती। साथ ही देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं।
- इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार गरीब और जरूरतमंद लोगों को धन दान करें।
- ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर दूध, दही और सफेद वस्तुओं का दान करने से चंद्र दोष शांत से मुक्ति मिलती हैं और जीवन में स्थिरता आती है।
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ज्येष्ठ अधिक मास 2026
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ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के सरल उपाय
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले वस्त्र और पीली मिठाई का भोग लगाएं। साथ ही विष्णु चालीसा का पाठ करें। इससे विवाह मार्ग की बाधाएं दूर होने लगती हैं।
- ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा को रात के समय चंद्र देव को कच्चे दूध मिले जल से अर्घ्य दें। जीवन में सुख-शांति बढ़ती हैं।
- माता लक्ष्मी की पूजा कर श्रीसूक्त या लक्ष्मी मंत्रों का जाप करें। इससे धन-धान्य बढ़ता है।
- ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के दिन सुहागिन महिलाओं को सुहाग का सामान भेंट करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और खुशहाली बनी रहती है।
- ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर घर में घी का दीपक जलाकर विष्णु जी और मां लक्ष्मी का ध्यान करें। इससे सुख-समृद्धि के योग मजबूत हो सकते हैं।
- ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाकर घर में कपूर की आरती करें।
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