फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Jyeshth Purnima 2020: ज्येष्ठ पूर्णिमा आज, जानें इस माह की यह तिथि क्यों है इतनी खास

Fri, 05 Jun 2020 08:27 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Fri, 05 Jun 2020 08:27 AM IST
विज्ञापन
Jyeshth Purnima 2020 know importance of jyeshth purnima
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2020 - फोटो : Pixabay

ज्येष्ठ पूर्णिमा 5 जून को है और इस बार की पूर्णिमा तिथि खास है। दरअसल इस बार पूर्णिमा तिथि के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि की रात 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होगा और 6 जून की रात 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। धार्मिक तौर पर ज्येष्ठ पूर्णिमा को स्नान दान का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। इस दिन वट पूर्णिमा व्रत एवं कबीर जयंती का पर्व भी मनाया जाता है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में होता है, जिसका प्रभाव सीधे व्यक्ति के मन और शरीर पर पड़ता है। क्योंकि ज्योतिष में चंद्रमा को द्रव्य और मन का कारक कहा गया है। 

Jyeshth Purnima 2020 know importance of jyeshth purnima
दिसंबर माह के प्रमुख व्रत और त्योहार
ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि का मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि शुरु - जून 5, 2020 को 03:17:47 बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त - जून 6, 2020 को 24:44 बजे

Jyeshth Purnima 2020 know importance of jyeshth purnima
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन इस विधि करें व्रत - फोटो : अमर उजाला
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन इस विधि करें व्रत

महिलाएं इस दिन उपवास रखती हैं और वट वृक्ष के नीचे बैठ कर पूजा आराधना करती हैं। एक बांस की टोकरी मे सात तरह के अनाज रखते जिसे कपड़े के दो टुकड़े से ढ़क देते है दूसरी टोकरी में सावित्री की प्रतिमा रखते है फिर वट वृक्ष को जल, अक्षत, कुमकुम से पूजा करती हैं। इसके पश्चात् लाल मौली से वृक्ष के सात बार चक्कर लगाते हुए ध्यान करती हैं। इस पूजन प्रक्रिया के बाद सभी महिलाएं सावित्री की कथा सुनाती है और अपनी क्षमता के अनुसार दान दक्षिणा देते हुए अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Jyeshth Purnima 2020 know importance of jyeshth purnima
वट पूर्णिमा व्रत 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
इस दिन होता है वट पूर्णिमा व्रत
वट पूर्णिमा व्रत ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन रखा जाता है। यह व्रत महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के राज्यों में विशेष रूप से रखा जाता है, जबकि उत्तर भारत में यह व्रत वट सावित्री के रुप मे मनाया जाता हैं, जो ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को पड़ता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सावित्री ने अपने पति के प्राण यमराज से वापस लेकर आईं थी। यही वजह है कि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए इस व्रत को रखती हैं। 
विज्ञापन
Jyeshth Purnima 2020 know importance of jyeshth purnima
कबीर जयंती 2020 - फोटो : Rohit Jha
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है कबीरदास जयंती
संत कबीर का जन्म ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसलिए प्रति वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन उनकी जयंती मनाई जाती है। कबीरदास भक्तिकाल के प्रमुख कवि थे, वे ज्ञानाश्रयी-निर्गुण शाखा की काव्यधारा के प्रवर्तक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज की बुराइयों को दूर करने में लगा दिया। दोहे के रूप में उनकी रचनाएं आज भी गायी गुनगुनाई जाती हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed