{"_id":"5992abb24f1c1b52368b46ef","slug":"janmashtami-2017-in-three-temples-of-vrindavan-lord-krishna-anointing-is-done-in-a-day","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Janmashtami 2017: यहां दिन में होता है कान्हा का अभिषेक, पीछे है सदियों पुराना कारण ","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Janmashtami 2017: यहां दिन में होता है कान्हा का अभिषेक, पीछे है सदियों पुराना कारण
Tue, 15 Aug 2017 02:43 PM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
Updated Tue, 15 Aug 2017 02:43 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
कान्हा का जन्मदिन रात में मनाया जाता है, क्योंकि भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की आधी रात में उनका जन्म हुआ था। 12 बजते ही हर मंदिर, हर घर से पूजा अर्चना की आवाजें आना शुरू हो जाती है। अंधेरी रात में कान्हा के जन्मदिन के जश्न में चगमका उठता है। देश में हर छोटे-बड़े मंदिर को सजाया जाता है। आधी रात को जब गोपाला आते हैं तो उनका दूध से अभिषेक किया जाता है, लेकिन 3 ऐसे मंदिर है जहां कृष्णा का अभिषेक रात में न होकर दिन में ही किया जाता है। ये दिनों ही मंदिर है वृंदावन में, जहां कृष्णा के बाल रूप की पूजा की जाती है।
यहां ऐसा माना जाता है कि कृष्णा उनके बच्चे जैसे ही हैं। इसलिए यदि उन्हें रात्रि में नींद से जगाकर अभिषेक किया जाएगा तो माता यशोदा को ऐसा करना अच्छा नहीं लगेगा। इन मंदिरों में चैतन्य महाप्रभु के शिष्य गोपाल भट्ट द्वारा 1542 ईस्वी में ठाकुर राधारमण लाल मंदिर स्थापित किया गया है और तब से यहां दिन में ही अभिषेक किए जाने की परंपरा है।
3 of 5
पीटीआई के अनुसार चैतन्य महाप्रभु के अन्य भक्त लखनऊ के दो भाई शाह कुंदन लाल और शाह फुंदन लाल ने वृंदावन आकर ठाकुर राधारमण मंदिर का जीर्णोद्धार कराया और इसके अलावा एक भव्य मंदिर भी बनवाया। ये मंदिर बसंत पंचमी के दिन ही खुलता है। इस मंदिर में भी दिन में ही ठाकुरजी का अभिषेक किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
इन दो मंदिरों के अलावा चैतन्य महाप्रभु एक अन्य शिष्य जीव गोस्वामी ने ठाकुर राधा दामोदर मंदिर के नाम से माधप गौड़ीस सम्प्रदाय के एक दूसरे मंदिर की स्थापना की।
ठाकुर राधारमण मंदिर में दूध, घी, बूरा, शहद, आदि पंचामृत और दो दर्जन से अधिक जड़ी बूटियों से जन्माष्टमी के दिन अभिषेक किया जाता है और करीब 2100 ली. दूध आदि सामग्री का उपयोग किया जाता है।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।