फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Shani Jayanti 2022: ज्येष्ठ महीने का विशेष महत्व, शनिदेव का जन्म और हनुमानजी का प्रिय महीना

Sun, 22 May 2022 07:20 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 22 May 2022 07:20 AM IST
विज्ञापन
importance of jyeshtha month shani jayanti jyeshtha amavasya bada mangal nirjala ekadashi festival
ज्येष्ठ माह में पानी के संरक्षण का विशेष महत्व दिया जाता है। ज्येष्ठ माह के नौ दिनों तक सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है इसे नौतपा कहते हैं। - फोटो : iStock

ज्येष्ठ माह में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। यह महीना हिंदी कैलेंडर का तीसरा माह होता है। ज्येष्ठ माह में पानी के संरक्षण का विशेष महत्व दिया जाता है। ज्येष्ठ माह के नौ दिनों तक सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है इसे नौतपा कहते हैं। इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र, वृषभ और और मिथुन राशि में रहते हैं। इस दौरान सूर्यदेव उत्तरायण में रहते है जिसे देवताओं का दिन कहा जाता है। ज्येष्ठ माह पानी के महत्व के कारण इसमें निर्जला एकादशी और गंगा दशहरा जैसे पर्व मनाएं जाते हैं, जिसमें पानी को बचाने के संदेश दिए जाते हैं। इसके अलावा ज्येष्ठ के महीने में भगवान शनिदेव का जन्म दिवस मनाया जाता है और भगवान हनुमान का प्रिय महीना भी ज्येष्ठ माह होता है।

importance of jyeshtha month shani jayanti jyeshtha amavasya bada mangal nirjala ekadashi festival
Shani Dev - फोटो : istock

शनिदेव का जन्म दिवस ज्येष्ठ अमावस्या 
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर न्याय और कर्मफलदाता भगवान शनिदेव का जन्म हुआ था। इस तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इस साल शनि जयंती 30 मई को है। शनि जयंती पर भगवान शनिदेव की विशेष पूजा आराधना की जाती है। जिन लोगों पर शनिदोष, शनि साढ़ेसाती और शनि ढैय्या होती है उन्हें शनि अमावस्या पर भगवान शनि की पूजा करने पर यह दोष कम हो जाता है। शनि अमावस्या पर गंगा स्नान, तिल का दान और शनि से जुड़ी अन्य चीजों का दान और पूजा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

importance of jyeshtha month shani jayanti jyeshtha amavasya bada mangal nirjala ekadashi festival
Hanuman Ji - फोटो : iStock

हनुमंत पूजा-आराधना का महीना ज्येष्ठ
ज्येष्ठ महीने में भगवान हनुमानजी की पूजा करने भी विशेष महत्व होता है। इस महीने के स्वामी मंगलदेव है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात ज्येष्ठ महीने में ही हुई थी जिस कारण से इस महीने का खात महत्व है। इस महीने के मंगलवार को बड़ा मंगल कहते है। बड़ा मंगल पर हनुमान जी की पूजा-उपासना करने पर हर तरह की मनोकामना अवश्य ही पूरी होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
importance of jyeshtha month shani jayanti jyeshtha amavasya bada mangal nirjala ekadashi festival
hanuman ji - फोटो : instagram

देवताओं का महीना
हिंदू धर्म में सूर्य 6 महीने उत्तरायण और 6 महीने दक्षिणायन रहते हैं। मकर संक्रांति पर सूर्यदेव उत्तरायण हो जाते हैं। ज्येष्ठ का महीना सूर्य के उत्तरायण होने का पांचवां महीना होता है और यह सूर्य के उत्तरायण का आखिरी समय यानी उत्तराकाल होता है। उत्तरायण का महीन देवताओं का दिन माना गया है। ऐसे में ज्येष्ठ के महीने में किया गया पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व होता है। इस महीने सूर्य की उपासना करने पर हर तरह की बीमीारियां दूर हो जाती है और दरिद्रता से भी छुटकारा मिलता है।

विज्ञापन
importance of jyeshtha month shani jayanti jyeshtha amavasya bada mangal nirjala ekadashi festival
वट सावित्री पूजा करती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
महत्वपूर्ण व्रत 
ज्येष्ठ के महीने में कई तरह के व्रत उपवास रखे जाते हैं जिसका विशेष महत्व होता है। इस महीने में वट सावित्री व्रत आता है जिसमें महिलाएं बिना पानी पिए व्रत करती हैं। इसी महीने में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा अवतरण दिवस मनाया जाता है। वहीं इसी माह निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस महीने में जल का दान करने का विशेष महत्व होता है।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed