{"_id":"64044ad4d9d77a3dfd031a39","slug":"holi-2023-holika-dahan-shubh-muhurat-timing-shubh-muhurat-puja-vidhi-and-bhadra-time-2023-03-05","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Holika Dahan 2023: क्या होलिका पर रहेगा भद्रा का साया ? जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और महत्व","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Holika Dahan 2023: क्या होलिका पर रहेगा भद्रा का साया ? जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और महत्व
Tue, 07 Mar 2023 07:34 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 07 Mar 2023 07:34 AM IST
विज्ञापन
होली 2023: शास्त्रों के अनुसार भद्रा रहित काल में होलिका दहन करना काफी शुभ माना जाता है।
- फोटो : अमर उजाला
Holika Dahan Shubh Muhurat Timing 2023: होली का त्योहार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष में आता है। इस बार होली 8 मार्च को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार होली के एक दिन पहले यानी फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को प्रदोष काल में होलिका दहन करने की महत्व होता है। होलिका दहन के बाद यानी अगले दिन रंगों वाली होली धूमधाम के साथ खेली जाती है। लेकिन इस साल पूर्मिणा तिथि और भद्राकाल को लेकर होलिका दहन के लेकर कुछ संशय की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, भद्राकाल और तिथि के बारे में।
फाल्गुन पूर्णिमा 2023 की तिथि
होलिका दहन हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर की जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 06 मार्च की शाम 04 बजकर 16 मिनट से हो रही है जिसका समापन 07 मार्च को शाम 06 बजकर 08 मिनट पर होगा। वहीं उदया तिथि को अगर ध्यान में रखें तो फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की पूजा-उपासना, स्नान और दान करने के लिए 7 मार्च का दिन सही रहेगा। ऐसे में होलिका दहन इसी दिन किया जाएगा।
होलिका दहन हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर की जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 06 मार्च की शाम 04 बजकर 16 मिनट से हो रही है जिसका समापन 07 मार्च को शाम 06 बजकर 08 मिनट पर होगा। वहीं उदया तिथि को अगर ध्यान में रखें तो फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की पूजा-उपासना, स्नान और दान करने के लिए 7 मार्च का दिन सही रहेगा। ऐसे में होलिका दहन इसी दिन किया जाएगा।
- फोटो : Pixabay
होलिका दहन में भद्रा का साया
शास्त्रों के अनुसार भद्रा रहित काल में होलिका दहन करना काफी शुभ माना जाता है। 6 मार्च को भद्रा की शुरुआत शाम 04 बजकर 17 मिनट पर हो जायेगी, जोकि 7 मार्च को प्रात: काल 5 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि में प्रदोष काल में होलिका दहन होती है। ऐसे में इस साल होलिका दहन 7 मार्च दिन मंगलवार को होगा। होलिका दहन के दिन 7 मार्च को भद्रा सुबह 5.15 बजे तक है। ऐसे में प्रदोष काल में होलिका दहन के समय भद्रा का साया नहीं रहेगा।
शास्त्रों के अनुसार भद्रा रहित काल में होलिका दहन करना काफी शुभ माना जाता है। 6 मार्च को भद्रा की शुरुआत शाम 04 बजकर 17 मिनट पर हो जायेगी, जोकि 7 मार्च को प्रात: काल 5 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि में प्रदोष काल में होलिका दहन होती है। ऐसे में इस साल होलिका दहन 7 मार्च दिन मंगलवार को होगा। होलिका दहन के दिन 7 मार्च को भद्रा सुबह 5.15 बजे तक है। ऐसे में प्रदोष काल में होलिका दहन के समय भद्रा का साया नहीं रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
holika dahan 2023
- फोटो : अमर उजाला
होलिका दहन शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन यानी 6 और 7 मार्च दो दिन रहेगी साथ ही 6 मार्च से भद्रा भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 07 मार्च को शाम को 06 बजकर 24 मिनट से लेकर रात्रि के 8 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में होलिका दहन करना शुभ होगा।
वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन यानी 6 और 7 मार्च दो दिन रहेगी साथ ही 6 मार्च से भद्रा भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 07 मार्च को शाम को 06 बजकर 24 मिनट से लेकर रात्रि के 8 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में होलिका दहन करना शुभ होगा।
विज्ञापन
होली 2023
- फोटो : अमर उजाला
होली का महत्व
हिन्दू धर्म के अनुसार होलिका दहन मुख्य रूप से भक्त प्रह्लाद की याद में किया जाता है । भक्त प्रह्लाद राक्षस कुल में जन्मे थे परन्तु वे भगवान नारायण के अनन्य भक्त थे । उनके पिता हिरण्यकश्यप को उनकी ईश्वर भक्ति अच्छी नहीं लगती थी इसलिए हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को अनेकों प्रकार के जघन्य कष्ट दिए। उनकी बुआ होलिका जिसको ऐसा वस्त्र वरदान में मिला हुआ था जिसको पहन कर आग में बैठने से उसे आग नहीं जला सकती थी। होलिका भक्त प्रह्लाद को मारने के लिए वह वस्त्र पहनकर उन्हें गोद में लेकर आग में बैठ गई । भक्त प्रह्लाद की विष्णु भक्ति के फलस्वरूप होलिका जल गई और प्रह्लाद का बाल भी बांका नहीं हुआ। शक्ति पर भक्ति की जीत की ख़ुशी में यह पर्व मनाया जाने लगा।साथ में रंगों का पर्व यह सन्देश देता है कि काम,क्रोध,मद,मोह एवं लोभ रुपी दोषों को त्यागकर ईश्वर भक्ति में मन लगाना चाहिए।
यह भी पढ़ें-
Holi 2023: होली के दिन भूलकर भी न करें इन चीजों का दान, हो सकती है धन हानि
Holi 2023 Gulal Ke Upay: पति पत्नी में रहती है अनबन तो होली पर जरूर करें गुलाल के ये उपाय, संबंध होंगे मधुर
Holika Dahan 2023: क्या होलिका दहन पर होगा भद्रा का साया? जानें होलिका दहन का सही मुहूर्त
Holika Dahan 2023: होलिका दहन पर राहु ग्रह का दिखेगा असर, करें ये उपाय, दुष्प्रभाव होगा कम
Holi 2023: होली के दिन जरूर करें इन चीजों की खरीदारी और दान, मां लक्ष्मी की होगी कृपा
हिन्दू धर्म के अनुसार होलिका दहन मुख्य रूप से भक्त प्रह्लाद की याद में किया जाता है । भक्त प्रह्लाद राक्षस कुल में जन्मे थे परन्तु वे भगवान नारायण के अनन्य भक्त थे । उनके पिता हिरण्यकश्यप को उनकी ईश्वर भक्ति अच्छी नहीं लगती थी इसलिए हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को अनेकों प्रकार के जघन्य कष्ट दिए। उनकी बुआ होलिका जिसको ऐसा वस्त्र वरदान में मिला हुआ था जिसको पहन कर आग में बैठने से उसे आग नहीं जला सकती थी। होलिका भक्त प्रह्लाद को मारने के लिए वह वस्त्र पहनकर उन्हें गोद में लेकर आग में बैठ गई । भक्त प्रह्लाद की विष्णु भक्ति के फलस्वरूप होलिका जल गई और प्रह्लाद का बाल भी बांका नहीं हुआ। शक्ति पर भक्ति की जीत की ख़ुशी में यह पर्व मनाया जाने लगा।साथ में रंगों का पर्व यह सन्देश देता है कि काम,क्रोध,मद,मोह एवं लोभ रुपी दोषों को त्यागकर ईश्वर भक्ति में मन लगाना चाहिए।
यह भी पढ़ें-
Holi 2023: होली के दिन भूलकर भी न करें इन चीजों का दान, हो सकती है धन हानि
Holi 2023 Gulal Ke Upay: पति पत्नी में रहती है अनबन तो होली पर जरूर करें गुलाल के ये उपाय, संबंध होंगे मधुर
Holika Dahan 2023: क्या होलिका दहन पर होगा भद्रा का साया? जानें होलिका दहन का सही मुहूर्त
Holika Dahan 2023: होलिका दहन पर राहु ग्रह का दिखेगा असर, करें ये उपाय, दुष्प्रभाव होगा कम
Holi 2023: होली के दिन जरूर करें इन चीजों की खरीदारी और दान, मां लक्ष्मी की होगी कृपा