रंग और मस्ती का त्योहार होली मनाने में अब कुछ ही दिन शेष है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होली का पर्व मनाया जाता है। उसके पहले होलिका दहन किया जाता है। शास्त्रों में भद्रा के समय होलिका दहन को शुभ नहीं माना जाता है इसलिए भद्राकाल के समाप्त होने के पश्चात ही होलिका दहन करना चाहिए। इस बार पूर्णिमा तिथि 1 मार्च को सुबह 8 बजे शुरू हो जाएगी, जो 2 मार्च की सुबह 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगी।
Holi 2018: भद्राकाल के बाद ही करें होलिका दहन, ये है शुभ मुहूर्त
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1 मार्च को राहुकाल दोपहर 1.56 मिनट से 3.24 मिनट तक रहेगा। भद्रा रहित काल में पूर्णिमा तिथि में दहन किया जाता है। होलिका दहन के अगले दिन रंगों से होली खेली जाती है
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा शुरू: 1 मार्च,सुबह 8 बजे से आरम्भ 12.30
भद्राकाल समाप्त: 1 मार्च को शाम 7 बजकर 30 मिनट पर समाप्त
राहुकाल: दोपहर 1.56 मिनट से 3.24 मिनट तक रहेगा
होलिका पूजन शुभ समय: प्रात: 11.05 मिनट से 12.30 मिनट तक
दोपहर 1.10 मिनट से 1.56मिनट तक
शाम 4.50 मिनट से 6.15 मिनट तक