Holashtak 2021: होलाष्टक इन आठ दिनों में करें ये चार उपाय, सुख-सौभाग्य की होगी प्राप्ति
होलाष्टक प्रारंभ हो चुका है। अब 28 मार्च फाल्गुन पूर्णिमा तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होगा। इस दौरान घर खरीदना, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, भूमि पूजन और किसी नए कार्य की नींव नहीं रखी जाती है।
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होलाष्टक लग चुका है। यह होलाष्टक आठ दिनों तक व्याप्त रहता है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन 28 मार्च को समाप्त होगा। होलाष्टक में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। मान्यता है कि होलाष्टक में घर में कोई नई चीज खरीदकर नहीं लाते हैं। इस दौरान घर खरीदना, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, भूमि पूजन और किसी नए कार्य की नींव नहीं रखी जाती है। लेकिन इस दौरान कुछ उपाय करने से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति की जा सकती है। ये उपाय इस प्रकार है -
महामृत्युंजय मंत्र का करें जाप
मान्यता के अनुसार, होलाष्टक में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। यह उपाय करने से जातकों को असाध्य रोग से मुक्ति मिलती है। होलाष्टक की अवधि में जातकों को अधिक से अधिक ईश्वर का ध्यान, भजन, जप-तप, स्वाध्याय व वैदिक अनुष्ठान करना चाहिए। ताकि समस्त कष्ट, विघ्न व संतापों का क्षय हो सके।
आर्थिक जीवन में यदि कठिनाई का सामना कर रहे हैं तो होलाष्टक के दौरान श्रीसूक्त व मंगल ऋण मोचन स्त्रोत का पाठ करवाएं। मान्यता है कि यह उपाय करने से आपके ऊपर से कर्ज का बोझ उतर सकता है। साथ ही आपका आर्थिक जीवन मजबूत होगा।
अगर किसी छात्र का पढाई में मन नहीं लग रहा है तो उसे होलाष्टक के दौरान गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए। साथ ही भगवान गणेश जी को मोदक व दूर्वा चढ़ाना चाहिए। यह उपाय छात्रों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।
मान्यता है कि निःसंतान दंपतियों के लिए होलाष्टक में लड्डु गोपाल की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान उन्हें गाय के शुद्ध घी और मिश्री का भोग लगाना चाहिए। यह उपाय करने से उन्हें संतान प्राप्ति होगी।
मान्यता के अनुसार, होलाष्टक में हनुमान चालीसा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह उपाय करने से आपके जीवन में खुशियां आती हैं। जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।