फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Hariyali Teej 2020: जानिए हरियाली, कजरी और हरतालिका तीज में अंतर और पूजा महत्व

Thu, 23 Jul 2020 06:21 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 23 Jul 2020 06:21 AM IST
विज्ञापन
hariyali teej 2020 know difference, importance between hariyali teej, kajri teej, hartalika teej
हरियाली तीज 2020 - फोटो : अमर उजाला

Hariyali Teej 2020: हिंदू धर्म में व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व होता है। महिलाएं साल भर में कई तरह के व्रत रखती हैं। जिसमें प्रमुख रूप से तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है। 23 जुलाई को हरियाली तीज का पर्व है। तीज के त्योहार में महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रख भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा उपासना करती हैं। साल में तीन बार तीज का त्योहार मनाया जाता है। हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज। सभी तीज में पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना के लिए महिलाएं व्रत और पूजा पाठ करती है।  आइए जानते हैं कब-कब मनाई जाती है ये तीन तरह की तीज और इसमें क्या अंतर होता है।

hariyali teej 2020 know difference, importance between hariyali teej, kajri teej, hartalika teej
हरियाली तीज

हरियाली तीज
हर वर्ष सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर तीज का त्योहार मनाया जाता है। इसे हरियाली तीज या श्रावणी तीज भी कहते हैं। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। हरियाली तीज के मौके पर सुहागिन महिलाएं श्रृंगार कर दिनभर व्रत रखते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-आराधना और जाप करती हैं। हरियाली तीज का उपवास सुहागिन महिलाओं के साथ कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की कामना के साथ करती हैं। मान्यता है कि सावन महीने में भगवान शिव ने देवी पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार करने का वर दिया था। 23 जुलाई 2020 का हरियाली तीज है। सावन के मौसम में हर जगह हरियाली दिखने से इसे हरियाली तीज का नाम दिया गया है।

hariyali teej 2020 know difference, importance between hariyali teej, kajri teej, hartalika teej
कजरी तीज - फोटो : Social media
कजरी तीज
हरियाली तीज की तरह ही कजरी तीज का त्योहार मनाया जाता है। कजरी तीज भादो के महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाई जाती है। इसे भादो तीज भी कहा जाता है। इस व्रत में भी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु का कामना में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विधिवत रूप से करती है। कजरी तीज 6 अगस्त को मनाई जाएगी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
hariyali teej 2020 know difference, importance between hariyali teej, kajri teej, hartalika teej
हरितालिका तीज

हरितालिका तीज 
इस वर्ष हरितालिका 21 अगस्त को मनाई जाएगी। यह व्रत भी विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु की मनोकामना के साथ रखती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज मनाई जाती है। इस व्रत को तीजा भी कहते हैं। विवाहित महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य की कामना के लिए यह व्रत रखती है और अविवाहित लड़कियां अच्छे वर की कामना के लिए भी इस व्रत को रखती हैं।

शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए मां पार्वती ने इस व्रत को रखा था, इसलिए इस व्रत का महत्व बढ़ जाता है। तब पार्वती जी के तप और आराधना से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।हरतालिका तीज में महिलाएं पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए  व्रत का पालन करती है और व्रत के अगले दिन जल ग्रहण करती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed