Hariyali Amavasya 2021 Date:हरियाली अमावस्या श्रावण मास में पड़ने वाली अमावस्या को कहते हैं। इसे श्रावणी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस साल श्रावणी अमावस्या 8 अगस्त, रविवार के दिन पड़ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हरियाली अमावस्या पर भी पितरों की शांति के लिए पिंडदान और दान-धर्म करने का महत्व है। यह पर्व हरियाली तीज से तीन दिन पूर्व मनाया जाता है। हरियाली अमावस्या के दिन दिन वृक्षारोपण का कार्य विशेष रूप से किया जाता हैं। इस दिन एक नया पौधा लगाना शुभ माना जाता हैं। इस दिन कई शहरों में हरियाली अमावस्या के दिन मेलों का भी आयोजन किया जाता हैं। खासकर किसानों के लिए हरियाली अमावस्या विशेष होती है। किसान इस दिन एक-दूसरे को गुड़ और धानी की प्रसाद देकर अच्छे मानसून की शुभकामना देते हैं। साथ ही वे अपने कृषि यंत्रों का पूजन भी करते हैं। आइए जानते हैं हरियाली अमावस्या का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में -
Hariyali Amavasya 2021 Date: कब है हरियाली अमावस्या, जानें तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय
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अमावस्या तिथि प्रारम्भ - अगस्त 07, 2021 को शाम 07:11 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त - अगस्त 08, 2021 को शाम 07:19 बजे
इस दिन गंगा जल से स्नान करें। सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पितरों के निमित्त तर्पण करें। श्रावणी अमावस्या का उपवास करें एवं किसी गरीब को दान-दक्षिणा दें। श्रावणी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा का विधान है। इस दिन पीपल, बरगद, केला, नींबू अथवा तुलसी का वृक्षारोपण जरूर करें। किसी नदी या तालाब में जाकर मछली को आटे की गोलियां खिलाएं। अपने घर के पास चींटियों को चीनी या सूखा आटा खिलाएं।
सावन मास में वर्षा के कारण चारो तरफ हरियाली छा जाती है। श्रावण अमावस्या पर पेड़-पौधों को नया जीवन मिलता है और इनकी वजह से ही मानव जीवन सुरक्षित रहता है, इसलिए प्राकृतिक दृष्टिकोण से भी हरियाली अमावस्या का बहुत बड़ा महत्व है।
हरियाली अमावस्या की शाम को मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए घर के ईशान कोण में घी का दीपक जलाएं। इस दिन ऐसा करने से घर से दरिद्रता दूर होती है। अमावस्या की रात को घर में पूजा करते समय पूजा की थाली में स्वस्तिक या ॐ बनाकर उस पर महालक्ष्मी यंत्र रखें। शाम को शिवजी की विधिवत पूजा आराधना करें और उनको खीर का भोग लगाएं। ऐसा करने से आपको शिवजी की कृपा मिलती है।