Happy Chaitra Navratri 2022 : शास्त्रों में मां दुर्गा अर्थात शक्ति को रक्षक कहकर पुकारा गया है। मां शक्ति की उपासना कर हर कोई प्राणी शक्ति एवं सामर्थ्य अर्जित कर सकता है। इन दिनों भक्त माता की कृपा पाने के लिए पूजा-पाठ,भक्ति एवं शक्तिधामों की यात्राएं करते हैं। नवरात्रि के दिनों में मां के अलग-अलग रूपों की आराधना और देवी मां को प्रसन्न करने के लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के दिनों में ये उपाय जल्दी ही शुभ फल प्रदान करते हैं।
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Happy Chaitra Navratri 2022: जानिए नवरात्रि में 9 देवियों को प्रसन्न करने के 9 उपाय
Sat, 02 Apr 2022 08:09 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 02 Apr 2022 08:09 AM IST
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नवरात्रि 2022 शुभकामना संदेश
- फोटो : amar ujala
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मां शैलपुत्री
मां शैलपुत्री-
माँ शैलपुत्री देवी पार्वती का ही स्वरूप हैं जो सहज भाव से पूजन करने से शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करती हैं। मां की कृपा पाने के लिए इस दिन मंदिर में त्रिशूल भेंट करना चाहिए।
माँ शैलपुत्री देवी पार्वती का ही स्वरूप हैं जो सहज भाव से पूजन करने से शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करती हैं। मां की कृपा पाने के लिए इस दिन मंदिर में त्रिशूल भेंट करना चाहिए।
ब्रह्मचारिणी।
- फोटो : अमर उजाला
मां ब्रह्मचारिणी-
देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरुप अत्यंत दिव्य और भव्य है। भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए इन्होने हज़ारों वर्षों तक घोर तपस्या की थी। जंगल में फल और पत्तों को खाकर इन देवी ने अपनी साधना पूर्ण की थी और शिव को पति रूप में प्राप्त किया। इस दिन इन देवी को कमल का पुष्प अर्पित करना विशेष फलदाई है।
देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरुप अत्यंत दिव्य और भव्य है। भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए इन्होने हज़ारों वर्षों तक घोर तपस्या की थी। जंगल में फल और पत्तों को खाकर इन देवी ने अपनी साधना पूर्ण की थी और शिव को पति रूप में प्राप्त किया। इस दिन इन देवी को कमल का पुष्प अर्पित करना विशेष फलदाई है।
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मां चंद्रघंटा
माँ चंद्रघंटा-
बाघ पर सवार माँ चंद्रघंटा के शरीर का रंग स्वर्ण के सामान चमकीला है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। शक्ति के इस स्वरुप को प्रसन्न करने के लिए चांदी का चंद्रमा मंदिर में भेंट करें,दूध के बने हुए मिष्ठान से इनका भोग लगाएं।
बाघ पर सवार माँ चंद्रघंटा के शरीर का रंग स्वर्ण के सामान चमकीला है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। शक्ति के इस स्वरुप को प्रसन्न करने के लिए चांदी का चंद्रमा मंदिर में भेंट करें,दूध के बने हुए मिष्ठान से इनका भोग लगाएं।
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कूष्मांडा
- फोटो : SELF
माँ कूष्माण्डा -
शेर पर सवार माँ कूष्मांडा देवी ने ही ब्रह्माण्ड की रचना की थी। इसलिए इन्हें सृष्टि की आदि स्वरूपा व आदि शक्ति भी कहते हैं। देवी कूष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए आठ वर्ष की कन्या को भोजन कराएं एवं मंदिर में कलश दान करें
शेर पर सवार माँ कूष्मांडा देवी ने ही ब्रह्माण्ड की रचना की थी। इसलिए इन्हें सृष्टि की आदि स्वरूपा व आदि शक्ति भी कहते हैं। देवी कूष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए आठ वर्ष की कन्या को भोजन कराएं एवं मंदिर में कलश दान करें