सनातन परंपरा में प्रथम पूजनीय भगवान गणेश को रिद्धि-सिद्धि और बुद्धि का देवता माना जाता है। गणपति की साधना अराधना के लिए देश-दुनिया में तमाम मंदिर हैं लेकिन महाराष्ट्र की संस्कृति में गणपति का विशेष स्थान है। यही कारण है कि गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाने वाला गणपति महोत्सव महाराष्ट्र के सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। गणपति उत्सव के दौरान महाराष्ट्र का कोना-कोना भगवान श्री गणेश की भक्ति में सराबोर रहता है। महाराष्ट्र के विभिन्न गणेश मंदिरों में अष्टविनायक का विशेष स्थान है। यह आठ अति प्राचीन मंदिर भगवान गणेश के आठ शक्तिपीठ भी कहलाते हैं। इन मंदिरों में गणपति की 8 स्वयंभू प्रतिमाएं विराजित हैं। इन पवित्र प्रतिमाओं के प्राप्त होने के क्रम के अनुसार ही अष्टविनायक की यात्रा भी की जाती है। आइए आगे की स्लाइड्स में करते हैं अष्टविनायक का दर्शन —
गणेश चतुर्थी 2018 : इन आठ शक्तिपीठों के दर्शन से पूरी होती है अष्टसिद्धि की कामना
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 05 Sep 2018 07:43 PM IST
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