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Diwali 2020: जानिए कैसे बना उल्लू धन-वैभव की देवी लक्ष्मी का वाहन
Thu, 12 Nov 2020 05:14 PM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Thu, 12 Nov 2020 05:14 PM IST
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दिवाली 2020: लक्ष्मी जी का वाहन उल्लू है।
- फोटो : सोशल मीडिया
Diwali 2020: हर साल कार्तिक अमावस्या को दिवाली मनायी जाता है और इस साल दिवाली 14 नवंबर शनिवार को है। दिवाली में धन-वैभव प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी एवं गणेश भगवान की पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार जिस किसी व्यक्ति के ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा हो जाए तो उसके जीवन में धन-समृद्धि और वैभव की कभी कमी नहीं होती है। जिस प्रकार सभी देवी-देवताओं का वाहन कोई न कोई पशु-पक्षी है। उसी प्रकार मां लक्ष्मी का वाहन उल्लू है। आइए जानते हैं मां लक्ष्मी का वाहन उल्लू कैसे बना, क्या है इसके पीछे की पौराणिक कथा।
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उल्लू
- फोटो : Social media
धार्मिक ग्रंथों से ज्ञात होता है कि सनातन धर्म के सभी देवी-देवताओं ने वाहन के रूप में पशु-पक्षियों का चुनाव किया है। इसके पीछे कई प्रचलित कथाएं हैं। कहा जाता है कि प्राणी जगत की संरचना करने के बाद एक रोज सभी देवी-देवता धरती पर विचरण करने के लिए आए। तब पशु-पक्षियों ने कहा कि हमें वाहन के रूप में चुनें और हमें कृतार्थ करें।
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मां लक्ष्मी जी का वाहन उल्लू है।
- फोटो : file photo
वहीं लक्ष्मीजी असमंजस में पड़ गई किसे अपना वाहन चुनें। लक्ष्मी जब वाहन चुनने में विचार-विमर्श कर रहीं थी तब अन्य पशु-पक्षियों में लड़ाई होने लगी। इस पर लक्ष्मीजी ने सभी को शांत कराया और कहा कि प्रत्येक वर्ष कार्तिक अमावस्या के दिन मैं पृथ्वी पर विचरण करने आती हूं। उस दिन मैं आप में से किसी एक को अपना वाहन बनाऊंगी।
उल्लू
कार्तिक अमावस्या के दिन सभी पशु-पक्षी आंखे बिछाए लक्ष्मीजी की राह निहारने लगे। रात्रि में जैसे ही लक्ष्मीजी धरती पर पधारी उल्लू ने अंधेरे में अपनी नजरों से उन्हें देख लिया और उनके समीप पहुंच गया। इसके बाद प्रार्थना कि आप मुझे अपना वाहन स्वीकार करें। तब लक्ष्मीजी ने खुशी-खुशी उसे अपना वाहन स्वीकार कर लिया।