फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

देवशयनी एकादशी आज, अगले 4 महीनों तक न करें कोई मांगलिक कार्य

Mon, 03 Jul 2017 03:26 PM IST
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 03 Jul 2017 03:26 PM IST
विज्ञापन
devshayani ekadashi 2017 : lord vishnu goes to sleep next four month

हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत का महत्वपूर्ण स्थान होता है। आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी कहते है। शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु 4 महीने के लिए पाताललोक सोने के लिए चले जाते है इसलिए इसे देवशयनी और पदमा एकादशी भी कहा जाता है। आइए जानते है देवशयनी एकादशी की कथा और इसके महत्व के बारे में।

devshayani ekadashi 2017 : lord vishnu goes to sleep next four month

आषाढ़ महीने की शुक्ल एकादशी से लेकर कार्तिक महीने की शुक्ल एकादशी तक कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है क्योंकि इस समय भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं।

devshayani ekadashi 2017 : lord vishnu goes to sleep next four month

पुराणों के अनुसार जब भगवान विषणु ने वामन रूप में दैत्य बलि से यज्ञ में तीन पग दान के रूप में मांगे थे तो भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर राजा बलि को पाताल लोक का राजा बना दिया और वर मांगने को कहा इस पर राजा बलि ने पाताललोक में भगवान विष्णु को निवास करने का आग्रह किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
devshayani ekadashi 2017 : lord vishnu goes to sleep next four month

ऐसी बंधन को देखते ही लक्ष्मीजी ने राजा बलि को भाई बना लिया और बंधन से मुक्त करने का अनुरोध किया। तब से चार-चार महीने पर भगवान विष्णु,भगवान शंकर और ब्रह्राजी बारी बारी से पाताल लोक में निवास करने लगे। इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं किये जा सकते हैं।  

विज्ञापन
devshayani ekadashi 2017 : lord vishnu goes to sleep next four month

 एक अन्य कथा के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष में एकादशी की तिथि को शंखासुर दैत्य मारा गया था तब से इस दिन से भगवान चार महीने तक क्षीर सागर में सोने के लिए चले जाते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed