दिवाली के सात दिन बाद देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु विश्राम से जागते हैं और सृष्टि का कार्य-भार देखते हैं। सभी मंगल कार्य इस एकादशी से शुरू होते है। इस एकादशी में ही तुलसी विवाह भी किया जाता है। इस साल 8 नवंबर को देवउठनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। आइए जानते है कि इस दिन क्या करना शुभ रहेगा और क्या अशुभ
देवउठनी एकादशी 2019: व्रत के दौरान इन उपायों से मिलेगा फल
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 07 Nov 2019 06:50 AM IST
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