Chhath Puja Second Day Kharna: दिवाली के पांच दिवसीय त्योहार के बाद छठ का उत्सव शुरू होता है, जिसके दौरान महिलाएं अपने बच्चों के लिए उपवास रखती हैं। इस साल यह त्योहार 17 नवंबर से 20 नवंबर तक मनाया जा रहा है। आज इसका दूसरा दिन है जिसे खरना के नाम से जाना जाता है। इस दिन, व्रती लगभग 8 से 12 घंटे की अवधि के लिए व्रत रखते हैं और गुड़ की खीर, कद्दू-भात और ठेकुआ-गुजिया जैसे व्यंजन बनाते हैं। व्रत पूरा होने के बाद इन व्यंजनों का स्वाद परिवार के सदस्यों के साथ खाया जाता है। इसके अलावा, लोग नए कपड़े भी पहनते हैं और अपने दोस्तों और परिवार के साथ शुभ अवसर मनाते हैं। यदि आप आज लोहंडा मनाने और खरना पूजा मनाने जा रहे हैं, तो यहां पूजा विधि, इससे जुडी सामग्री और नियम ।
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Chhath Puja 2023 Second Day Kharna: छठ पूजा का दूसरा दिन, जानें खरना की पूजा विधि, सामग्री और नियम
Sat, 18 Nov 2023 07:41 AM IST
श्वेता सिंह
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Sat, 18 Nov 2023 07:41 AM IST
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Chhath Puja 2023
- फोटो : अमर उजाला
Chhath Puja 2023
- फोटो : अमर उजाला
जाने खरना पूजा की सामग्री
- प्रसाद रखने के लिए बांस की दो बड़ी-बड़ी टोकरियां
- बांस या फिर पीतल का सूप
- एक लोटा (दूध और जल अर्पण करने के लिए)
- एक थाली
- पान
- सुपारी
- चावल
- सिंदूर
- घी का दीपक
- शहद
- धूप या अगरबत्ती
- शकरकंदी
- सुथनी
- गेहूं, चावल का आटा
- गुड़
- ठेकुआ
- व्रती के लिए नए कपड़े
- 5 पत्तियां लगे हुए गन्ने
- मूली, अदरक और हल्दी का हरा पौधा
- बड़ा वाला नींबू
- फल-जैसे नाशपाती, केला और शरीफा
- पानी वाला नारियल
- मिठाईयां
Chhath Puja 2023
- फोटो : अमर उजाला
खरना पूजा विधि
- आज से व्रतधारियों 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा।
- महिलाएं आज शाम को पूजा करने के बाद 36 घंटे के लिए निर्जला उपवास रखेंगी और सूर्य को अर्घ्य देंगी।
- शाम के समय घी लगी रोटी, गूड़ की खीर, और फल से भगवान का भोग लगाया जाता है।
- भोग लगाने के बाद महिलाएं यह प्रसाद के तौर पर ग्रहण करती हैं
- इसके बाद से उनका 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है।
- यह उपवास चौथे दिन सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है।
- अगले दिन अर्घ्य देने के लिए महिलाएं एक दिन पहले से प्रसाद बनाने की तैयारी करने लगती हैं।
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Chhath Puja 2023
- फोटो : अमर उजाला
छठ के व्रत में इन नियमों की न करें अनदेखी
- छोटे बच्चों को पूजा का कोई भी सामान छूने नहीं दें।
- जब तक पूजा पूर्ण न हो जाए बच्चे को तब तक प्रसाद न खिलाएं, ।
- छठ पूजा के समय व्रती या परिवार के सदस्यों के साथ कभी भी अभद्र भाषा का उपयोग न करें।
- जो भी महिलाएं छठ मैय्या का व्रत रखें, वह सभी चार दिनों तक पलंग या चारपाई पर न सोते हुए जमीन पर ही कपड़ा बिछाकर सोएं।
- छठ पर्व के दौरान व्रती समेत पूरे परिवार सात्विक भोजन ग्रहण करे।
- पूजा की किसी भी चीज को छूने से पहले हाथ अवश्य साफ कर लें।