Chhath Puja Mein Chadhaein Ye Phal: हर साल के कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा का आयोजन किया जाता है। छठ पर्व भारत के कुछ कठिन पर्वों में से एक है जो 4 दिनों तक चलता है। इस पर्व में 36 घंटे निर्जला व्रत रख सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है और उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। यह व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए भी किया जाता है। महिलाओं के साथ पुरुष भी यह व्रत करते हैं। कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि पर नहाय-खाय होता है, इसके बाद दूसरे दिन खरना और तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। आज से लोकआस्था का महापर्व छठ शुरू हो रहा है। छठ पूजा में उसके प्रसाद का भी विशेष महत्व है। छठ पूजा में कुछ विशेष फल चढ़ाए जाते है जिसके बिन छठ का व्रत अधूरा माना जाता है। आइए जानते हैं छठी मईया का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उन्हें कौन से फल चढ़ाने चाहिए।
Chhath Puja 2022: छठ पूजा शुरू, इन फलों के बिना अधूरा है ये व्रत, डलिया में जरूर रखें ये फल!
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छठ के त्योहार में नारियल चढ़ाने का विशेष महत्व माना जाता है । नारियल को श्रीफल माना जाता है। कहते हैं इसे चढ़ाने से घर में लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है।
गन्ना
गन्ना छठी मईया के प्रिय फलों में से एक है। छठ में कई लोग गन्ने का घर बनाकर उसमें पूजा करते हैं। कहते हैं ऐसा करने से छठी माता सुख–समृद्धि लाती है। छठ पूजा में गन्ने से बने गुड़ का भी प्रसाद बनता है।
केला
हिन्दू मान्यता के अनुसार केले में श्री हरि विष्णु का वास है। केला भगवान विष्णु का भी प्रिय फल है। केले को शुद्ध फल माना जाता है। छठी मईया का प्रिय फल होने के कारण उन्हें प्रसन्न करने के लिए केला चढ़ाया जाता है।
डाभ नींबू
डाभ नींबू सामान्य नींबू से आकार में बड़ा होता है। ये नींबू छठी मईया को विशेष रूप से पंसद है और उन्हें प्रसन्न करने के लिए डाभ नींबू प्रसाद में अवश्य चढ़ाना चाहिए।