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Chhath 2022: छठ पूजा में नाक तक सिंदूर लगाती हैं महिलाएं, जानें क्या है इसकी वजह

Fri, 28 Oct 2022 10:30 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 28 Oct 2022 10:30 AM IST
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Chhath 2022 Chhath puja mein sindur ka mahatv know why women apply sindoor till her nose in Hindi
छठ पूजा में नाक तक सिंदूर लगाती हैं महिलाएं - फोटो : Istock
Chhath Puja Mein Naak Tak sindur lagaane ka mahatv: आज यानी 28 अक्तूबर, शुक्रवार से महापर्व छठ की शुरुआत हो रही है। यह पर्व विशेष रूप से प्रकृति पूजन को परिलक्षित करता है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। सूर्य देव और छठी मइया की पूजा  के कारण इसे लोक आस्था का पर्व भी कहा जाता है। छठ पूजा में साफ-सफाई का विशेष रूप से ख्याल रखना पड़ता है। इसमें  व्रती महिलाएं 36 घंटे का निर्जला उपवास रखती हैं। इस पर्व में हर नियम का पालन करना अनिवार्य होता है। छठ पूजा में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। आपने देखा होगा इस पूजा के दौरान महिलाएं नाक तक सिंदूर लगाती हैं। इसका भी अपना एक महत्व है। आइए जानते हैं क्या है इसका महत्व। 

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Chhath 2022 Chhath puja mein sindur ka mahatv know why women apply sindoor till her nose in Hindi
नाक तक सिंदूर लगाने का महत्व - फोटो : प्रयागराज

नाक तक सिंदूर लगाने का महत्व
छठ पर्व के दौरान महिलाएं नाक तक लंबा सिंदूर लगाती हैं। छठ पूजा में लंबा सिंदूर लगाने के पीछे भी एक मान्यता है। इस मान्यता के अनुसार जो महिला सिंदूर बालों में छुपा लेती है उनका पति समाज में छुप जाता है और तरक्की नहीं कर पाता और साथ ही वह अल्पायु भी होता है। इसी कारण छठ के दौरान महिलाएं लंबा सिंदूर लगाती हैं उनके पति की आयु के साथ सम्मान भी समाज में बढ़े।

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छठ पूजा के दौरान 3 प्रकार के सिंदूर का प्रयोग  - फोटो : प्रयागराज

छठ पूजा के दौरान 3 प्रकार के सिंदूर का प्रयोग 
छठ पूजा के दौरान 3 तरह के सिंदूर का इस्तेमाल किया जाता है।
सुर्ख लाल सिंदूर: लाल रंग का सिंदूर मां पार्वती और सती की उर्जा का प्रतीक होता है और लाल रंग का सिंदूर लगाने से पति की आयु लंबी होती है इसलिए आमतौर पर महिलाएं छठ पूजा पर लाल रंग के सिंदूर का इस्तेमाल करती है।
पीला  या नारंगी सिंदूर: छठ पूजा के दौरान कुछ महिलाएं पीले या नारंगी रंग के सिंदूर को माथे से लेकर नाक तक सजाकर पूजा करती हैं। छठ पूजा के दौरान जो भी महिला ने व्रत रखा होता है वो इस सिंदूर से दूसरी शादीशुदा महिला की मांग को भी सजाती है। कहा जाता है की इस सिंदूर से छठी मैया और भगवान सूर्य का आशीर्वाद मिलता है और पति का सम्मान बढ़ता है।
मटिया सिंदूर: इस सिंदूर का प्रयोग विशेष रूप से बिहार में किया जाता है। यह सबसे शुद्ध सिंदूर के तौर पर माना जाता है।  ये सिंदूर एकदम मिट्टी की क्वालिटी का होता है जिसकी वजह से इसे मटिया सिंदूर कहा जाता है। छठ पूजा के दौरान पूजा में चढ़ाने के लिए खासतौर पर इस सिंदूर का प्रयोग किया जाता है, 

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सिंदूर लगाने का नियम - फोटो : amar ujala

सिंदूर लगाने का नियम
हिंदू धर्म में सिंदूर का विशेष महत्व है। इसीलिए सिंदूर को हमेशा नियाम के अनुसार लगाना चाहिए। आइए जानते हैं सिंदूर लगाने के नियम- 

  • नहाने के बाद सबसे पहले सिंदूर लगाना चाहिए। 
  • सुहागिन महिलाओं को कभी भी खाली मांग नहीं रखना चाहिए। 
  • मान्यता है कि महिलाएं जितना लंबा सिंदूर लगाएंगी पति की आयु भी उतनी ही लंबी होगी। 
  • यही कारण है महिलाएं छठ एवं अन्य तीज त्योहार पर लंबा सिंदूर लगाती हैं। 

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