Basant Panchami 2023: इस साल 26 जनवरी 2023 को वसंत पंचमी है। वसंत पंचमी के दिन विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। पारंपरिक रूप से वसंत पंचमी का ये पर्व छात्रों के लिए काफी शुभ माना गया है। इस दिन कला, संगीत और शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित लोग और खासतौर पर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का श्रीगणेश किया जाता है। स्कूलों में भी विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। वसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा के अलावा कई जगहों पर बड़े पैमाने पर पतंग महोत्सव का आयोजन होता है। चलिए जानते हैं कि वसंत पंचमी पर पंतग क्यों उड़ाई जाती है और इस दिन पतंग उड़ाने की परंपरा कैसे शुरू हुई...
Basant Panchami 2023: वसंत पंचमी पर क्यों उड़ाई जाती है पतंग? जानें अलग-अलग राज्यों में इसे मनाने का तरीका
वसंत पंचमी पर क्यों उड़ाई जाती है पतंग ?
बसंत पंचमी के दिन पतंग उड़ाने की परंपरा काफी लंबे समय से चली आ रही है। नए साल की शुरुआत होते ही लोहड़ी और मकर संक्रांति के बाद वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर भी पतंग उड़ाने का खास महत्व होता है। ये एक तरह से वसंत ऋतु के आने की खुशी को मनाने का तरीका है।
अलग-अलग राज्यों में ऐसे मनाई जाती है वसंत पंचमी
वसंत पंचमी के समय से ही वसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है। ठंड के बाद जब हल्की गर्मी की लहर शुरू होती है, तो लोग उस दिन उस मौके को हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं। वसंत पंचमी के दिन अलग-अलग राज्य में अलग-अलग पकवान बनाने का विशेष महत्व है।
उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में लोग वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करते हैं। स्कूलों में भी विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। साथ ही इस दिन केसर वाले पीले चावल बनाए जाते हैं। बिहार में लोग इस दिन लोग बूंदी के लड्डू और खीर चढ़ाते हैं। वहीं राजस्थान में लोग इस दिन चमेली की माला पहनते हैं।
पंजाब और हरियाणा
पंजाब और हरियाणा की बात करें तो यहां के लोग वसंत पंचमी का त्योहार को बड़ी धूमधाम से मानते हैं। इस दिन लोग स्वादिष्ट भोजन जैसे मक्के की रोटी और सरसों का साग, खिचड़ी और मीठे चावल बनते हैं।