Ashwin Month Start Date: भाद्रपद माह अब अपने अंतिम चरण में है, और इसके साथ ही हिंदू पंचांग का अगला पावन महीना अश्विन मास शुरू होने वाला है। यह महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें हमें पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिलता है और देवी दुर्गा की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि भी मनाया जाता है। इसके अलावा दशहरा, शरद पूर्णिमा जैसे प्रमुख त्योहार भी इसी माह में आते हैं। आइए जानते हैं कि अश्विन मास 2025 में कब से शुरू हो रहा है और इस दौरान कौन-कौन से व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे।
Ashwin Month 2025 Festival List: पितृ पक्ष से नवरात्रि और दशहरा तक, जानें आश्विन माह के प्रमुख व्रत और त्योहार
Ashwin Maah Ke Vrat Tyohar: 8 सितंबर से आश्विन मास आरंभ हो जाएगा। इसी दिन से कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि भी लगेगी, जिससे पितृ पक्ष की शुरुआत मानी जाती है।
किस दिन से शुरू होगा आश्विन मास ?
आश्विन माह की शुरुआत 8 सितंबर से होगी। वैदिक पंचांग के अनुसार, 7 सितंबर को भाद्रपद मास की पूर्णिमा है और इसके अगले दिन यानी 8 सितंबर से आश्विन मास आरंभ हो जाएगा। इसी दिन से कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि भी लगेगी, जिससे पितृ पक्ष की शुरुआत मानी जाती है। इस दौरान तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध जैसे कर्म किए जाते हैं, जो पितरों की कृपा पाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
पितृ पक्ष 2025 कब है?
पितृ पक्ष की शुरुआत 8 सितंबर 2025 से होगी और यह 21 सितंबर 2025 तक चलेगा। इन 15 दिनों के दौरान लोग अपने पितरों को तर्पण और पिंडदान अर्पित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में किए गए ये कर्म पूर्वजों की आत्मा को शांति देते हैं और उनकी कृपा से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या होगी, जो सभी पितरों के लिए तर्पण का विशेष दिन होता है।
शारदीय नवरात्रि 2025 की तारीखें
इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर 2025 से हो रही है और 1 अक्टूबर तक चलेगी। 2 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) का पर्व मनाया जाएगा। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। यह समय साधना, उपवास और भक्ति का होता है, जब भक्त मां दुर्गा से शक्ति, स्वास्थ्य और सुख की कामना करते हैं।
व्रत त्योहार लिस्ट
10 सितम्बर - संकष्टी चतुर्थी
17 सितम्बर- इन्दिरा एकादशी, कन्या संक्रांति
19 सितम्बर- मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत (कृष्ण)
21 सितम्बर- अश्विन अमावस्या (पितृ पक्ष समाप्त)
22 सितम्बर- शारदीय नवरात्रि, घटस्थापना
28 सितम्बर- कल्परम्भ
29 सितम्बर- नवपत्रिका पूजा
30 सितम्बर- दुर्गा महा अष्टमी पूजा
1 अक्तूबर -दुर्गा महा नवमी पूजा
2 अक्तूबर -दुर्गा विसर्जन, दशहरा, शरद नवरात्रि पारण
3 अक्तूबर -पापांकुशा एकादशी
4 अक्तूबर-प्रदोष व्रत (शुक्ल)
7 अक्तूबर- अश्विन पूर्णिमा व्रत
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।