{"_id":"67c15cf596b8351ba700b0a8","slug":"amalaki-ekadashi-2025-date-shubh-sanjog-puja-vidhi-shubh-muhurat-paran-ka-samay-in-hindi-2025-02-28","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Amalaki Ekadashi 2025: कब है आमलकी एकादशी? बन रहे हैं तीन शुभ संयोग, जानें तिथि, मुहूर्त, और पारण समय","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Amalaki Ekadashi 2025: कब है आमलकी एकादशी? बन रहे हैं तीन शुभ संयोग, जानें तिथि, मुहूर्त, और पारण समय
Sat, 01 Mar 2025 06:38 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sat, 01 Mar 2025 06:38 AM IST
सार
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी या आंवला एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और आंवले का भोग अर्पित किया जाता है।
विज्ञापन
ekadashi
- फोटो : Amar Ujala
Amalaki Ekadashi 2025 Date: फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी या आंवला एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और आंवले का भोग अर्पित किया जाता है। इस वर्ष आमलकी एकादशी पर तीन शुभ योग बन रहे हैं और 68 मिनट की भद्रा भी लगेगी।
ekadashi
- फोटो : adobe stock
आमलकी एकादशी 2025 के शुभ संयोग
इस साल आमलकी एकादशी पर तीन शुभ योग बनने वाले हैं:
इस साल आमलकी एकादशी पर तीन शुभ योग बनने वाले हैं:
- सर्वार्थ सिद्धि योग – यह सुबह 6:36 बजे से लेकर देर रात 12:51 बजे तक रहेगा।
- शोभन योग – यह प्रातः आरंभ होकर दोपहर 1:57 बजे तक रहेगा।
- पुष्य नक्षत्र – यह पूरे दिन प्रभावी रहेगा और देर रात 12:51 बजे समाप्त होगा।
ekadashi
- फोटो : adobe stock
आमलकी एकादशी 2025 का पूजा मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:59 से 5:48 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:08 बजे से 12:55 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:36 बजे से प्रारंभ
विज्ञापन
विज्ञापन
ekadashi
- फोटो : adobe stock
आमलकी एकादशी व्रत पारण का समय
इस वर्ष व्रत का पारण 11 मार्च 2025 को सुबह 6:35 बजे से 8:13 बजे के बीच किया जाएगा। द्वादशी तिथि का समापन उसी दिन सुबह 8:13 बजे होगा।
इस वर्ष व्रत का पारण 11 मार्च 2025 को सुबह 6:35 बजे से 8:13 बजे के बीच किया जाएगा। द्वादशी तिथि का समापन उसी दिन सुबह 8:13 बजे होगा।
Shukrawar Ke Upay: शुक्रवार की रात को करें ये अचूक उपाय, कभी नहीं होगी धन की कमी
Guruwar Ke Upay: शादी में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए गुरुवार के दिन करें ये तीन काम
Narmada: आखिर उल्टी दिशा में क्यों बहती है नर्मदा नदी? जानें अधूरे प्रेम की पौराणिक कथा
विज्ञापन
ekadashi
- फोटो : adobe stock
आमलकी एकादशी 2025 की पूजा विधि
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
- प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें।
- घी का दीप जलाकर अभिषेक करें और पीले फूल अर्पित करें।
- तुलसी पत्र व पंचामृत का भोग लगाएं।
- आमलकी एकादशी की कथा पढ़ें और विष्णु मंत्रों का जाप करें।
- आरती करें और पंचामृत बांटें।
- चावल का सेवन न करें और अगले दिन व्रत पारण करें।
- संध्या समय पुनः पूजा करें।
Swastika: घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाने का क्या है महत्व? जानें इसे बनाने का नियम
शिव मंदिर में तीन बार ताली बजाने का पौराणिक और धार्मिक महत्व
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।