मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में सरकारी क्षेत्र में प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा चतुर्थ श्रेणी के पदों में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से चार लाख रुपये से कम की सालाना पारिवारिक आय वाले तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वर्तमान आरक्षण योजनाओं में न आने वाले उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री द्वारा बजट घोषणा के अनुरूप मुख्यमंत्री रोशनी योजना को लागू करने की अनुमति प्रदान की। योजना के तहत चालू वित्त वर्ष के दौरान गरीब परिवारों को 17550 मुफ्त बिजली कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे।
कैबिनेट बैठक में फल उत्पादकों को नींबू प्रजाति के फलों के लिए लाभकारी दाम प्रदान करने के लिए वर्ष 2019-20 के लिए बाजार मध्यस्थ्ता योजना (एमआईएस) के तहत किन्नू, माल्टा, संतरा और गलगल जैसे नींबू प्रजाति के फलों के खरीद मूल्य को वर्तमान समर्थन मूल्य से 50 पैसे प्रति किलोग्राम बढ़ाने की अनुमति प्रदान की। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 54 खरीद केंद्र खोले जाएंगे जो 21 नवंबर 2019 से 15 फरवरी 2020 तक क्रियाशील रहेंगे।
कैबिनेट ने वृद्धजनों, विधवाओं, निराश्रितों, विकलांगों, कुष्ठ रोगियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 750 रुपये से बढ़ाकर 850 रुपये प्रति माह और 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन को 1300 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह करने का निर्णय लिया जो एक जुलाई 2019 से लागू होगा।
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक व विनिर्दिष्ट सेवा क्षेत्रों की संतुलित प्रगति के साथ-साथ आर्थिक विकास एवं रोज़गार अवसरों के पैमाने को बढ़ाने के तहत अनुकूल वातावरण सृजित करने के लिए हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2019 को स्वीकृति प्रदान की गई। इस नीति का उद्देश्य लंबित पड़ी औद्योगिक प्रगति का निवारण करना तथा प्रक्रियाओं का सरलीकरण मुख्य भौतिक एवं सामाजिक अधोसंरचना, मानव संसाधन विकास तथा क्रेडिट एवं बाजारों तक पहुंच को सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त इस नीति में सभी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण तथा स्वप्रमाणीकरण के माध्यम से व्यापार में सुगमता को प्रोत्साहित किया जाएगा।