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लेखक का दावा, कोरोना से छह राशियों के लोगों को रहना होगा सावधान, जुलाई तक बनेगा टीका
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 17 Mar 2020 06:12 PM IST
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कोरोना वायरस(सांकेतिक तस्वीर)
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पूरे विश्व में आतंक का पर्याय बन चुके करोना कहर से अगले माह के बीच तक राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। भारत में स्थिति किसी भी सूरत में नहीं बिगड़ने वाली है। ग्रहों की बदलती चाल इस प्रकोप से देश को निजात दिला देगी। जुलाई तक वैज्ञानिक इस वायरस से बचाव का टीका बनाने में कामयाब रहेंगे। यह ज्योतिषीय विश्लेषण ‘एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान’ शोध पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी ने किया है।
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लेखक गुरमीत बेदी
- फोटो : अमर उजाला
गुरमीत बेदी ने दावा किया कि कोरोना वायरस नामक महामारी की पटकथा तो 26 दिसंबर 2019 में धनु राशि और मूल नक्षत्र में लगा वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण ही लिख गया था। जब इस राशि में पहले से ही शनि, केतु, गुरु, सूर्य, बुध और चंद्रमा की युति होने से छह ग्रही योग बना था। इसी दुर्लभ योग में इस जानलेवा विषैले वायरस ने जन्म लेकर चीन के वुहान शहर में लोगों को अपना ग्रास बनाना शुरू किया। बृहस्पति की केतु के साथ बनी युति ने इस प्रकोप का प्रसार किया और यह दुनिया के कई देशों में फैलता चला गया।
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बाद में मंगल की धनु राशि में केतु के साथ मौजूदगी ने आग में घी का काम किया। आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश कर राहु ने इस संक्रमण के फैलाव में कोई कसर नहीं छोड़ी। राहु का संबंध वैसे भी धुएं और आसमान से है। 22 मार्च की रात को ज्योतिष में सेनापति का दर्जा प्राप्त मंगल ग्रह अपनी उच्च राशि मकर में प्रवेश करने जा रहे हैं।
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इसके 8 दिन बाद ही 30 मार्च को देव गुरु बृहस्पति भी मकर राशि में आ जाएंगे। हालांकि मकर बृहस्पति की नीच राशि है लेकिन केतु की युति से बृहस्पति को मिली मुक्ति और मंगल का साथ मिलना शुभ कारक रहेगा। वैशाखी के अगले दिन 14 अप्रैल को सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य को आरोग्य का कारक माना जाता है और उनके राशि परिवर्तन के साथ ही स्थितियों में बदलाव दिखना शुरू हो जाएगा।
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इन राशि के लोगों पर ज्यादा असर
26 अप्रैल को जब बुध भी अपने मित्र सूर्य की इस उच्च राशि में उनके साथ आ जाएंगे तो दोनों ग्रहों की युति भी सुखद रहेगी। बेदी के अनुसार इस वायरस की चपेट में वैसे तो कोई भी व्यक्ति आसानी से आ सकता है लेकिन मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ व मीन राशि वालों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। शेष राशि वाले बचाव रखें, उन्हें ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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