उदयपुर में दर्जी की जघन्य हत्या के विरोध में गुरुवार को राजस्थान बंद का एलान किया गया। हत्या के विरोध में गुरुवार को उदयपुर में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर गया। हजारों की संख्या में लोग मौन जुलूस में शामिल हुए।
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हजारों की संख्या में जुटे लोग
- फोटो : Amar Ujala Digital
पथराव के बाद पुलिस ने खदेड़ा
टाऊन हॉल से कलेक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकाला गया। हत्या के विरोध में लोग हाथों में तिरंगा और भगवा झंडा लेकर सड़क पर उतरे। कई लोगों ने पोस्टर के जरिए आरोपियों की फांसी की मांग की। कलेक्ट्रेट से लौटते समय दिल्लीगेट चौराहे पर कुछ युवकों ने पथराव कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ा। जुलूस के दौरान कुछ इलाकों में छुटपुट वारदात की खबरें सामने आई। एक ढाबे को जला दिया गया। एक धर्मस्थल को भी नुकसान पहुंचा है।
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उदयपुर में पथराव
- फोटो : Amar Ujala Digital
कई जिलों में रहा बंद का असर
वारदात के बाद प्रदेशभर में तीसरे दिन भी इंटरनेट बंद है। पूरे राजस्थान में एक महीने के लिए धारा 144 लगा दी गई है। हिंदू और अन्य संगठनों ने जयपुर, उदयपुर, पाली, कोटा, जालोर, जैसलमेर सहित कई जिलों में बंद का एलान किया है। प्रदेश के सात से अधिक जिलों में बंद का असर रहा।
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उदयपुर में सड़क पर पसरा सन्नाटा
- फोटो : ANI
जयपुर में मुस्लिम समुदाय ने किया बंद का समर्थन
जयपुर में बंद को व्यापरी संगठन ने समर्थन दिया। जिसके बाद जयपुर के बाजार बंद रहे। इस बंद को मुस्लिम समुदाय का भी समर्थन मिला। जयपुर की चारदीवारी स्थित रामगंज बाजर, त्रिपोलिया, छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़, पुरोहित जी का कटला समेत जयपुर के सभी बाजर बंद रहे। वहीं सुरक्षा के लिहाज से राजधानी में करीब एक हजार पुलिस बल तैनात रहा।
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जुलूस निकाल लोगों ने आरोपियों की फांसी की मांग की
- फोटो : ANI
गुजरात ने बसें रोकी
इधर गुजरात रोडवेज की सभी बसें अगले आदेशों तक राजस्थान में नहीं आएगी। गुजरात ने डूंगरपुर जिले के रतनपुर बॉर्डर से राजस्थान में आने वाली गुजरात रोडवेज की बसों को गुजरात के आखिरी बस स्टैंड शामलाजी में रोक दिया है। गुजरात रोडवेज प्रबंधन ने सभी सरकारी बसों को वापस बुलाने का निर्णय किया है।