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Rajasthan: दौड़ते समय गिरा सेना का जवान शहीद, कमांडो ऑपरेशन की ट्रेनिंग कर रहा था, पिता बोले- गर्व है

Fri, 23 Sep 2022 09:14 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 23 Sep 2022 09:14 PM IST
सार

Rajasthan: दौड़ते समय गिरा सेना का जवान शहीद, कमांडो ऑपरेशन की ट्रेनिंग कर रहा था, पिता बोले- गर्व है

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Rajasthan Martyr Dilip Aichra Indian Army Para Commando Nagaur
शहीद को दी अंतिम विदाई। - फोटो : अमर उजाला

राजस्थान का एक और लाल शहीद हो गया। नागौर के मेड़ता-डेगाना क्षेत्र के पोलास गांव में रहने वाले दिलीप ऐचरा की आगरा में पैरा कमांडो की ट्रेनिंग चल रही थी। 10 सितंबर अभ्यास के दौरान दौड़ लगाते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें आगरा के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से 12 सितंबर को दिल्ली के सेना अस्पातल में रेफर कर दिया गया। 10 दिन मौत से लड़ने के बाद वह कल गुरुवार देर रात जिंदगी की जंग हार गए। बताया जा रहा है कि दिलीप का हार्ट अटैक आने से निधन हुआ है।   



22 साल के दिलीप ऐचरा का पार्थिव शरीर आज शुक्रवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा तो उन्हें आखिरी नमन करने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ आई। उनके पूरे गांव में शोक की लहर है। देश के बहादुर बेटे को विदाई देते समय सैकड़ों लोग शहीद दिलीप अमर रहें...वंदे मातरम... और भारत माता की जय... के नारे लगते रहे। बेटे की आखिरी विदाई पर परिवार बिलख पड़ा। अपने बेटे के आवाज लगाती मां बार-बार बेसुध होती रही थी। परिवार और गांव की महिलाओं ने मुश्किल से उन्हें संभाला।

Rajasthan Martyr Dilip Aichra Indian Army Para Commando Nagaur
शहीद दिलीप ऐचरा। - फोटो : अमर उजाला

शहीद जवान दिलीप ऐचरा की पोस्टिंग दिल्ली में सेना की एएचक्यू प्रो यूनिट में थी। उनका सपना पैरा कमांडो फोर्स में जाने था। इसके लिए वह लगातार प्रयास कर रहे थे। इसके लिए उनका चयन भी हो गया था। पैरा कमांडो की स्पेशल ट्रेनिंग के लिए 4 सितंबर को दिलीप को दिल्ली से आगरा भेजा गया था। इसके बाद से वह वहां ट्रेनिंग कर रहे थे। दिलीप करीब तीन साल सेना में रहे। वह हमेशा से स्पेशल कमांडो टीम में शामिल होना चाहते थे, लेकिन जब दिलीप का यह सपना पूरा हुआ वह सभी को अलविदा कह गए। 

Rajasthan Martyr Dilip Aichra Indian Army Para Commando Nagaur
सैन्य सम्मान के साथ शहीद के दी गई विदाई। - फोटो : अमर उजाला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शहीद दिलीप ऐचरा के पिता पांचाराम ऐचरा आयुध डिपो बीकानेर में संविदा पर सुपरवाइजर हैं। वे करीब 12 साल से अस्थायी तौर पर अनुबंध के तहत सेना से जुड़े हैं। इसलिए दलीप का का बचन से सेना में जाने का सपना था। स्कूल के दिनों में ही उन्होंने सेना में जाने का मन बना लिया था। दिलीप अपने परिवार के सदस्यों से हमेशा कहते थे कि वह एक बहादुर फौजी बनेंगे। 1 अक्टूबर 2019 को उनका सेना में चयन हुआ था। 

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Rajasthan Martyr Dilip Aichra Indian Army Para Commando Nagaur
अंतिम विदाई में उमड़े सैकड़ों लोग। - फोटो : अमर उजाला

शुक्रवार को दिलीप का पोलास गांव में विश्नोई समाज के धार्मिक रीति-रिवाज और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान डेगाना से पूर्व विधायक रिछपाल सिंह मिर्धा, मेड़ता डीएसपी मदनलाल जेफ,  किसान मोर्चा के हेतराम विश्नोई सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। थर्ड सिक्ख लाइट इंफेंट्री के कैप्टन अमन सहारन के नेतृत्व में बटालियन के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ शहीद दिलीप को अंतिम विदाई दी। इस दौरान दिलीप ने पिता ने नम आंखों से कहा, दिलीप हमारे दिलों में जिंदा है और हमेशा रहेगा। मुझे अपने बेटे पर गर्व है। 

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