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Jodhpur: पंख फैलाने वाली माता के साये में सुरक्षित है जोधपुर शहर, यहां पाकिस्तानी बम भी नहीं कर पाए थे नुकसान

Thu, 03 Oct 2024 08:19 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Thu, 03 Oct 2024 08:19 PM IST
सार

Jodhpur: पंख फैलाने वाली माता के साये में सुरक्षित है जोधपुर शहर, यहां पाकिस्तानी बम भी नहीं कर पाए थे नुकसा

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Jodhpur News: Chamunda Mata of Mehrangarh Fort is the protector of Jodhpur city
मेहरानगढ़ चामुंडा माता। - फोटो : अमर उजाला
शारदीय नवरात्र के पहले दिन, जोधपुर के मेहरानगढ़ किले स्थित चामुंडा माता मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मां चामुंडा को जोधपुर के शासकों और स्थानीय निवासियों की कुलदेवी माना जाता है। कहा जाता है कि माता के आशीर्वाद से ही सन 1965 में पाकिस्तान के हमले के दौरान किले को कोई छू तक नहीं पाया था। माना जाता है कि यहां विराजने वाली मां चामुंडा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। मां चामुंडा का यह मंदिर राव जोधा ने 1460 में बनवाया था, और नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
Jodhpur News: Chamunda Mata of Mehrangarh Fort is the protector of Jodhpur city
मां चामुंडा मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को नवरात्रि का पहला दिन है। जोधपुर के मेहरानगढ़ किले स्थित मां चामुंडा के मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता आज सुबह से ही लगना शुरू हो गया। 9 दिन तक मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। आज शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस नवरात्र को शुभ भी माना जाता है। कई लोग तो इस नवरात्र में शुभ कार्य भी करते हैं। यहां तक कि वहां मकान और अन्य नई वस्तुओं की खरीदारी भी की जाती है। इसी के चलते जोधपुर के मेहरानगढ़ स्थित मां चामुंडा माता मंदिर में भी आज से पूजा अर्चना शुरू हो गई।
Jodhpur News: Chamunda Mata of Mehrangarh Fort is the protector of Jodhpur city
मां चामुंडा मंदिर। - फोटो : अमर उजाला

देशभर में प्रसिद्ध है मेहरानगढ़ किले की चामुंडा माता
सबसे बड़ी बात ये है कि पूरे राजस्थान में ही नहीं बल्कि देशभर में मां चामुंडा की मेहरानगढ़ किले में स्थित मूर्ति को काफी प्रभावशाली माना जाता है। माना जाता है कि यहां विराजने वाली मां चामुंडा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान की ओर से बम बरसाए गए थे। तब कोई नुकसान इस शहर को नहीं कर पाए। वहीं ऐसी कई कथाएं भी प्रचलित हैं कि इस मेहरानगढ़ किले से पूरा पाकिस्तान दिखता है, जिसके इतिहास विशेषज्ञ सिर्फ भ्रामक बातें बताते हैं।

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Jodhpur News: Chamunda Mata of Mehrangarh Fort is the protector of Jodhpur city
मंदिर का ऊपर से लिया गया दृश्य। - फोटो : अमर उजाला
पंख फैलाने वाली माता तू ही हमारी रक्षक
आद्यशक्ति मां चामुंडा की स्तुति में कहा गया है कि जोधपुर के किले पर पंख फैलाने वाली माता तू ही हमारी रक्षक है। मारवाड़ के राठौड़ वंशज चील को मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप मानते हैं। राव जोधा को चामुंडा माता में काफी श्रद्धा थी। चामुंडा माता जोधपुर के शासकों की कुलदेवी हैं। कहा जाता है कि माता कि कृपा से ही युद्ध के दौरान किले को भारत बचा पाया था। राव जोधा ने 1460 में मेहरानगढ़ किले के पास चामुंडा माता का मंदिर बनवाया और मूर्ति की स्थापना की। 
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Jodhpur News: Chamunda Mata of Mehrangarh Fort is the protector of Jodhpur city
मंदिर में भक्तों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
शासकों और निवासियों की कुलदेवी
बताया जाता है कि यह मूर्ति जोधपुर के मंडोर से लाकर इस किले में स्थापित की गई थी। चामुंडा मां मात्र शासकों की ही नहीं बल्कि अधिसंख्य जोधपुर निवासियों की कुलदेवी हैं। आज भी लाखों लोग इनको पूजते हैं। नवरात्र के दिनों में यहां विशेष पूजा अर्चना की जाती है। कहा जाता माता के आशीर्वाद से ही सन 1965 में पाकिस्तान के हमले के दौरान किले को कोई छू तक नहीं पाया था। 
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