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700 एकड़ में फैला है ये किला, खूबियां जानकर उड़ जाएंगे होश

Thu, 26 Nov 2015 04:17 PM IST
Updated Thu, 26 Nov 2015 04:17 PM IST
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700 एकड़ में फैला है ये किला, खूबियां जानकर उड़ जाएंगे होश

Special features of chhitorgarh fort

राजस्‍थान की पहचान अपनी समृद्ध परंपरा और एतिहासिक किलों और महलों के कारण भी है। राजस्‍थान के प्रसिद्ध राजे रजवाडों के ये किले हर किसी को अपनी ओर खींचते हैं। ऐसा ही एक किला है चित्तौडगढ़ किला। जानिए इसकी खासियतें।

700 एकड़ में फैला है ये किला, खूबियां जानकर उड़ जाएंगे होश

Special features of chhitorgarh fort

चित्तौडगढ़ के किले को चित्तौडगढ़ का दुर्ग भी कहा जाता है। मौर्य वंश के शासकों द्वारा बनवाए गए इस किले को भारत का सबसे विशाल किला माना जाता है।

700 एकड़ में फैला है ये किला, खूबियां जानकर उड़ जाएंगे होश

Special features of chhitorgarh fort

पहाड़ की शिला पर बने इस विशाल किले की भव्यता दूर से देखते ही बनती है। धरती से लगभग 120 मीटर की ऊंचाई पर बने इस किले को सातवीं शताब्दी में बनवाया गया था।

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Special features of chhitorgarh fort

बताया जाता है इस किले पर तीन बार आक्रमण किया गया। पहली बार अलाउद्दी खिलजी ने 1303 में। उस समय इस पर राजपूत राजाओं का शासन था। खिलजी इस किले को नहीं भेद पाया।

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Special features of chhitorgarh fort

कहा जाता है कि इस किले का उपयोग आठवीं से सोलहवीं सदी तक मेवाड़ पर राज करने वाले गहलोत और सिसोदिया राजाओं ने अपने निवास के रूप में किया। उनके बाद 16वीं शताब्दी में मुगल बादशाह अकबर ने इस पर अपना कब्जा जमा लिया।

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