खाकी के फर्ज के साथ-साथ पुलिस मानवता का धर्म निभाकर लोगों का दिल भी जीत रही है। कोरोना काल में कई पुलिसवालों ने प्लाज्मा दान कर मरीजों की जान बचाई। जरूरतमंदों के घर राशन पहुंचाया। संकटकाल में लोगों की मददगार बनी आगरा पुलिस अब खून देकर डेंगू और वायरल फीवर के प्रकोप से मरीजों की जान बचा रही है।
डेंगू के चलते ब्लड बैंकों में खून की कमी है। इसको देखते हुए रविवार को आगरा पुलिस लाइन में एसएन मेडिकल कॉलेज की ओर से रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें एसएसपी समेत 80 पुलिसकर्मियों ने रक्तदान किया। एसएसपी मुनिराज जी. ने कहा कि सभी को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। इस तरह से जरूरतमंद लोगों की जान बचा सकते हैं।
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रक्तदान करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : amar ujala
पुलिस लाइन में आयोजित रक्तदान शिविर में एसएसपी के साथ-साथ एसपी सिटी विकास कुमार, एसपी ग्रामीण के. वेंकटेश, सत्यजीत गुप्ता ने रक्तदान किया। अधिकारियों को रक्तदान करते देख पुलिसकर्मियों ने भी बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि रक्तदान से सबसे बड़ा महादान है। हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए।
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रक्तदान करते पुलिस अधिकारी
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एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने पुलिस के सहयोग पर एसएसपी मुनिराज जी. को धन्यवाद दिया है। रक्तदान करने वाले सभी पुलिसकर्मियों को एसएन मेडिकल कॉलेज द्वारा प्रमाणपत्र भी दिए गए।
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रक्तदान करते पुलिस अधिकारी
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आगरा में डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की कमी हो गई है। ऐसे में लोगों के पुलिसकर्मी और अधिकारी भी इंसानियत का फर्ज निभाते हुए रक्तदान के लिए आगे रहे हैं।
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रक्तदान के बाद दिया गया प्रमाण पत्र
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10 सितंबर को एटा पुलिस लाइन में प्रशिक्षण दे रहे पीटीआई यशवीर सिंह ने गुरुवार को 14 साल के प्रिंस को जंबो पैक देकर जान बचा ली। वह व्हाट्सएप ग्रुप पुलिस मित्र रक्तदान समूह से जुड़े हुए हैं। इसे ग्रुप से कई और पुलिसकर्मी भी जुड़े हुए हैं।