प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 65 वर्ष के हो गए। आइये देखें कि उनके लिए आने वाला अगला एक साल अब कैसा रहेगा। मोदी इस साल क्या उपलब्धि हासिल कर पाएंगे और कहां-कहां उन्हें कठिनाईयों और चुनौतियों का सामना करना होगा। बता रहे हैं ज्योतिषशास्त्री सचिन मल्होत्रा।
सितारे कहते हैं अब अगले एक साल नरेन्द्र मोदी दिखाएंगे यह कमाल
नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर गुजरात के मेहसाना जिले में हुआ था। वर्गोत्तम वृश्चिक लग्न की इनकी कुंडली अद्भुत पाराशरी और जैमिनी राजयोगों से भरी पड़ी है। किन्तु इन राजयोगों के साथ कुछ अरिष्ट योग भी हैं जिनके कारण इन्हे अपने जीवन के शुरुवाती वर्षो में कठिन संघर्ष करना पड़ा और बाद में राजनीतिक जीवन में अनेक बड़े विवादों का सामना करना पड़ा।
सितारे कहते हैं अब अगले एक साल नरेन्द्र मोदी दिखाएंगे यह कमाल
लग्न में बैठा नीच का चन्द्रमा राशीश मंगल के साथ युत होकर 'नीच-भंग' राजयोग बना रहा है। नीच के नवमेश चन्द्र ने राजयोग में सम्मलित होकर सामान्य परिवार में जन्म लेने के बावजूद इन्हे गजब की क्षमता देकर राजनीतिक जीवन के सर्वोच्च शिखर तक पंहुचा दिया।
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चन्द्र से चतुर्थ में गुरु एक अच्छा गजकेसरी योग बना रहा है, लेकिन गुरु वक्री होकर पाप ग्रहों मंगल और शनि से भी दृष्ट है। दूसरे (वाणी) और पांचवे (बुद्धि ) घर के स्वामी गुरु का इनकी कुंडली में पाप ग्रहों से पीड़ित होना इनको अपनी आत्मप्रशंसा और बड़बोलेपन के कारण मुश्किल में डाल देता है। 100 दिन के भीतर काला धन विदेशों से वापिस लाना और महंगाई को काबू में करना जैसे चुनावी वादे इनके मुँह में फंसते नजर आ रहे हैं।
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शनि में चन्द्र की प्रतिकूल विंशोत्तरी दशा के कारण अब मोदी को अनेक कठिन सवालों से जूझना पड़ रहा है। लेकिन अब इनकी वर्ष कुंडली में नवम भाव की राशि का लग्न उदय होकर इनके भाग्य का सितारा एक बार फिर से बुलंद करेगा। गोचर में 1 अक्टूबर को शुभ ग्रह शुक्र इनके कर्म भाव पर आकर इनको बिहार चुनाव में पार्टी की विजय का तोहफा देंगे। दिल्ली विधान-सभा चुनावों में हार के बाद 'मोदी लहर' पर लगा प्रश्न चिन्ह हटने लगेगा।