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कौन है मौलाना मसूद अजहर, वो कितना खूंखार, कैसे काम करता है जैश-ए-मोहम्मद
Sun, 03 Mar 2019 06:01 PM IST
संदीप भट्ट
अमर उजाला, ब्यूरो
अमर उजाला, ब्यूरो
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sun, 03 Mar 2019 06:01 PM IST
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Masood Azhar
- फोटो : PTI
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मौलाना मसूद अजहर आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है। इसी जैश-ए-मोहम्मद संगठन ने भारत के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें हमारे चालीस से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे। बाद में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप को नष्ट करने का दावा किया था। मसूद अजहर पर ही पठानकोट में आतंकी हमले कराने का आरोप लगा था।
masood azhar
मौलाना मसूद अजहर पर एक नजर
जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का मुखिया मौलाना मसूद हरकत-उल-अंसार का महासचिव भी रह चुका है। आतंकी अजहर का जन्म पाकिस्तान के बाहावलपुर में 1968 को हुआ था। ग्यारह भाई-बहनों में अजहर 10वें नंबर के थे। अजहर के पिता सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे। उसका परिवार डेयरी का करोबार भी करता था।
मौलाना मसूद अजहर की शिक्षा करांची में जामिया उलूम अल इस्लामिया में हुई। बाद में अजहर हरकत-उल अंसार संगठन से जुड़ गया। पहली बार अजहर को 1994 में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया।
दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद अजहर को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था लेकिन लाहौर हाईकोर्ट के आदेश पर 2002 में उसे रिहा कर दिया गया।
2002 में अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या और उसके अपहरण के बाद अमेरिका ने अजहर मसूद को सौंपने की मांग की थी। मसूद के सहयोगी शेख अहमद सईद उमर ने पर्ल की हत्या कर दी थी।2003 में परवेज मुशर्रफ पर हुए आत्मघाती हमले के मामले में भी उस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
दिसंबर 2008 में भारत और अमेरिका के दबाव के कारण पाक सरकार ने मसूद को उसके आवास पर नजरबंद कर दिया था। इससे पहले भी दो बार अजहर को हिरासत में लिया गया था हालांकि हर बार वह बचने में कामयाब रहा।
जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का मुखिया मौलाना मसूद हरकत-उल-अंसार का महासचिव भी रह चुका है। आतंकी अजहर का जन्म पाकिस्तान के बाहावलपुर में 1968 को हुआ था। ग्यारह भाई-बहनों में अजहर 10वें नंबर के थे। अजहर के पिता सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे। उसका परिवार डेयरी का करोबार भी करता था।
मौलाना मसूद अजहर की शिक्षा करांची में जामिया उलूम अल इस्लामिया में हुई। बाद में अजहर हरकत-उल अंसार संगठन से जुड़ गया। पहली बार अजहर को 1994 में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया।
दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद अजहर को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था लेकिन लाहौर हाईकोर्ट के आदेश पर 2002 में उसे रिहा कर दिया गया।
2002 में अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या और उसके अपहरण के बाद अमेरिका ने अजहर मसूद को सौंपने की मांग की थी। मसूद के सहयोगी शेख अहमद सईद उमर ने पर्ल की हत्या कर दी थी।2003 में परवेज मुशर्रफ पर हुए आत्मघाती हमले के मामले में भी उस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
दिसंबर 2008 में भारत और अमेरिका के दबाव के कारण पाक सरकार ने मसूद को उसके आवास पर नजरबंद कर दिया था। इससे पहले भी दो बार अजहर को हिरासत में लिया गया था हालांकि हर बार वह बचने में कामयाब रहा।
आतंकवादी मसूद अजहर
क्या है आतंकी मसूद का आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद
जैश-ए-मोहम्मद एक पाकिस्तानी जिहादी संगठन है जिसके आतंकी जम्मू-कश्मीर समेत भारत के कई राज्यों में हुए आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं।
मार्च इसकी स्थापना साल 2000 में मसूद अजहर ने की थी। जनवरी 2002 में जब इसे पाकिस्तान की सरकार ने बैन कर दिया तब जैश ए मोहम्मद ने अपना नाम बदलकर खुद्दाम उल इस्लाम कर लिया था।
इन देशों में प्रतिबंधित है मसूद का संगठन
मसूद अजहर के आतंकी संगठन पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और भारत समेत कई देशों में प्रतिबंधित है। फिर भी मसूद अजहर पाकिस्तान में खुलेआम रैलियों में भारत के खिलाफ जहर उगलता है। मसूद अजहर को भारतीय विमान के अपहरण करने के लिए कभी कोई सजा नहीं मिली।
जैश-ए-मोहम्मद एक पाकिस्तानी जिहादी संगठन है जिसके आतंकी जम्मू-कश्मीर समेत भारत के कई राज्यों में हुए आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं।
मार्च इसकी स्थापना साल 2000 में मसूद अजहर ने की थी। जनवरी 2002 में जब इसे पाकिस्तान की सरकार ने बैन कर दिया तब जैश ए मोहम्मद ने अपना नाम बदलकर खुद्दाम उल इस्लाम कर लिया था।
इन देशों में प्रतिबंधित है मसूद का संगठन
मसूद अजहर के आतंकी संगठन पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और भारत समेत कई देशों में प्रतिबंधित है। फिर भी मसूद अजहर पाकिस्तान में खुलेआम रैलियों में भारत के खिलाफ जहर उगलता है। मसूद अजहर को भारतीय विमान के अपहरण करने के लिए कभी कोई सजा नहीं मिली।
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मसूद अजहर
ऐसे काम करता है जैश-ए-मोहम्मद
जैश-ए-मोहम्मद (आतंकी संगठन) की स्थापना फरवरी 2000 में पाक के कराची में संगठन के मुखिया मौलाना मसूद अजहर ने की। इस आतंक संगठन का मुख्य उद्देश्य कश्मीर में हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी करना व भारत में आतंकी वारदात को अंजाम देना है।
संगठन का मुख्य तरीका आत्मघाती हमला करना है। जैश-ए-मोहम्मद कट्टरपंथी विचारों वाले ऑडियो कैसेट कश्मीर भेज कर युवाओं को गुमराह करता है।इस संगठन में हरकत-उल-मुजाहिद्दीन और हरकत-उल-अंसार के कई चरमपंथी शामिल हैं।
अमेरिका की ब्लैक लिस्ट में जैश-ए-मोहम्मद
अमेरिका द्वारा तैयार की गई विदेशी आतंकी गुटों की सूची में पाक स्थित जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा को रखा गया था। इस सूची में 44 आतंकी संगठन शामिल हैं। लश्कर और जैश दोनों ही लंबे समय भारत में आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं।
जैश-ए-मोहम्मद (आतंकी संगठन) की स्थापना फरवरी 2000 में पाक के कराची में संगठन के मुखिया मौलाना मसूद अजहर ने की। इस आतंक संगठन का मुख्य उद्देश्य कश्मीर में हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी करना व भारत में आतंकी वारदात को अंजाम देना है।
संगठन का मुख्य तरीका आत्मघाती हमला करना है। जैश-ए-मोहम्मद कट्टरपंथी विचारों वाले ऑडियो कैसेट कश्मीर भेज कर युवाओं को गुमराह करता है।इस संगठन में हरकत-उल-मुजाहिद्दीन और हरकत-उल-अंसार के कई चरमपंथी शामिल हैं।
अमेरिका की ब्लैक लिस्ट में जैश-ए-मोहम्मद
अमेरिका द्वारा तैयार की गई विदेशी आतंकी गुटों की सूची में पाक स्थित जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा को रखा गया था। इस सूची में 44 आतंकी संगठन शामिल हैं। लश्कर और जैश दोनों ही लंबे समय भारत में आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं।
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masood azhar
बड़ी आतंकी वारदातें : संसद भवन पर हमला (दिसंबर, 2001), जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर हमला (अक्टूबर 2001), इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण (दिसंबर 1999), अयोध्या और वाराणसी धमाके।
नवंबर, 2007 में उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ द्वारा लखनऊ में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह राहुल गांधी के अपहरण के लिए देश में आए थे।
2015 में जैश से संबंधित घटनाएं
* 15 जनवरी - दक्षिणी कश्मीर के केलर इलाके के गाडरू जंगल क्षेत्र में पांच जैश के आतंकियों को सेना द्वारा एक मुठभेड़ में ढेर किया गया। मारे गए आतंकियों में से एक जैश कमांडर मोहम्मद तोइब था जो पाकिस्तान मुल्तान का रहने वाला था जबकि बाकी के चार स्थानीय आतंकी थे।
* 20 मार्च - जम्मू संभाग के कठुआ जिले के राजबाग पुलिस थाने पर सेना की वर्दी में फिदायीन हमला हुआ, जिसमें तीन जवान शहीद हुए। इसके अलावा एक स्थानीय नागरिक की भी इसमें मौत हुई। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकियों को भी ढेर किया गया, जबकि 10 लोग इस हमले में घायल हुए थे।
* 21 मार्च - दो आतंकियों ने जम्मू संभाग के सांबा जिले में सेना के एक कैंप पर हमला किया। सुरक्षा बलों ने दोनों को ढेर कर दिया।
* 27 जुलाई - दस लोगों सहित एक एसपी उस समय शहीद हो गए जब हथियारों से लैस तीन आतंकियों ने गुरदासपुर के दीना नगर थाने पर धावा बोला। मरने वालों में तीन आतंकी, तीन स्थानीय नागरिक और चार पुलिस कर्मी थे।
* 04 अक्टूबर - दक्षिणी कश्मीर के हारी परिगाम ट्त्राल में जैश के दो विदेशी आतंकियों को सेना ने मुठभेड़ के दौरान ढेर किया। इनकी पहचान आदिल पठान और बर्मी के तौर पर हुई थी।
* 25, नवंबर - उत्तरी कश्मीर के टंगधार में सेना के कैंप पर हुए आत्मघाती हमले में एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई, जबकि तीन आतंकियों को सेना द्वारा ढेर किया गया।
नवंबर, 2007 में उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ द्वारा लखनऊ में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह राहुल गांधी के अपहरण के लिए देश में आए थे।
2015 में जैश से संबंधित घटनाएं
* 15 जनवरी - दक्षिणी कश्मीर के केलर इलाके के गाडरू जंगल क्षेत्र में पांच जैश के आतंकियों को सेना द्वारा एक मुठभेड़ में ढेर किया गया। मारे गए आतंकियों में से एक जैश कमांडर मोहम्मद तोइब था जो पाकिस्तान मुल्तान का रहने वाला था जबकि बाकी के चार स्थानीय आतंकी थे।
* 20 मार्च - जम्मू संभाग के कठुआ जिले के राजबाग पुलिस थाने पर सेना की वर्दी में फिदायीन हमला हुआ, जिसमें तीन जवान शहीद हुए। इसके अलावा एक स्थानीय नागरिक की भी इसमें मौत हुई। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकियों को भी ढेर किया गया, जबकि 10 लोग इस हमले में घायल हुए थे।
* 21 मार्च - दो आतंकियों ने जम्मू संभाग के सांबा जिले में सेना के एक कैंप पर हमला किया। सुरक्षा बलों ने दोनों को ढेर कर दिया।
* 27 जुलाई - दस लोगों सहित एक एसपी उस समय शहीद हो गए जब हथियारों से लैस तीन आतंकियों ने गुरदासपुर के दीना नगर थाने पर धावा बोला। मरने वालों में तीन आतंकी, तीन स्थानीय नागरिक और चार पुलिस कर्मी थे।
* 04 अक्टूबर - दक्षिणी कश्मीर के हारी परिगाम ट्त्राल में जैश के दो विदेशी आतंकियों को सेना ने मुठभेड़ के दौरान ढेर किया। इनकी पहचान आदिल पठान और बर्मी के तौर पर हुई थी।
* 25, नवंबर - उत्तरी कश्मीर के टंगधार में सेना के कैंप पर हुए आत्मघाती हमले में एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई, जबकि तीन आतंकियों को सेना द्वारा ढेर किया गया।