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आतंक के वो 5 मोस्ट वांटेड चेहरे, जो सेना के निशाने पर
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:50 PM IST
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कयूम नजर
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भारतीय सुरक्षाबलों ने जम्मू में एक और आतंकी को ढेर कर दिया। बताया जा रहा है कि आतंकी कयूम नजर घाटी में कई सालों से सक्रिय था। मंगलवार को वह अपने आकाओं की इजाजत से कमान संभालने घाटी लौटा था कि सीमा पर ही मौत के घाट उतार दिया गया।
जाकिर मूसा
जाकिर मूसा
यह आतंकी सुरक्षा एजेंसियों की सूची में सबसे ऊपर है। आतंकी संगठन हिज्बुल के विभाजन के बाद उसने कश्मीर में अंसार गजवत-उल हिंद का गठन किया। कई आतंकियों ने समय-समय पर हथियारों और नेटवर्क मजबूत करने के लिए उसे समर्थन दिया।
इसमें लश्कर चीफ अबु दुजाना भी शामिल था। मूसा काफी खतरनाक माना जाता है क्योंकि वह कश्मीर और पूरे भारत में इस्लामी खलीफा लागू करने के लिए लगातार प्रचार कर रहा है।
यह आतंकी सुरक्षा एजेंसियों की सूची में सबसे ऊपर है। आतंकी संगठन हिज्बुल के विभाजन के बाद उसने कश्मीर में अंसार गजवत-उल हिंद का गठन किया। कई आतंकियों ने समय-समय पर हथियारों और नेटवर्क मजबूत करने के लिए उसे समर्थन दिया।
इसमें लश्कर चीफ अबु दुजाना भी शामिल था। मूसा काफी खतरनाक माना जाता है क्योंकि वह कश्मीर और पूरे भारत में इस्लामी खलीफा लागू करने के लिए लगातार प्रचार कर रहा है।
रियाज नायकू
रियाज नाइकू
रियाज नायकू आतंकी संगठन हिज्बुल का प्रमुख और ए डबल प्लस श्रेणी का आतंकी है। इस समय सबसे अनुभवी हिज्बुल कमांडरों में से एक है। यह कश्मीर में हिज्ब के ऑपरेशन देख रहा है। पिछले महीने एक मुठभेड़ में यासीन इट्टू की मौत के बाद से उसने पदभार संभाला है।
नायकू अवंतीपोरा के द्रग्बुग से है। वह तकनीक में महारत रखता है। हाल ही में वह एक आतंकी के जनाजे में शामिल हुआ और सार्वजनिक रूप से जाकिर मूसा के पाकिस्तान विरोधी अभियान का विरोध कर पाकिस्तान को समर्थन देने की बात कही। रियाज ने इस वर्ष के शुरुआत में 11 मिनट का वीडियो जारी कर कश्मीरी पंडितों को घाटी में लौटने को कहा था।
रियाज नायकू आतंकी संगठन हिज्बुल का प्रमुख और ए डबल प्लस श्रेणी का आतंकी है। इस समय सबसे अनुभवी हिज्बुल कमांडरों में से एक है। यह कश्मीर में हिज्ब के ऑपरेशन देख रहा है। पिछले महीने एक मुठभेड़ में यासीन इट्टू की मौत के बाद से उसने पदभार संभाला है।
नायकू अवंतीपोरा के द्रग्बुग से है। वह तकनीक में महारत रखता है। हाल ही में वह एक आतंकी के जनाजे में शामिल हुआ और सार्वजनिक रूप से जाकिर मूसा के पाकिस्तान विरोधी अभियान का विरोध कर पाकिस्तान को समर्थन देने की बात कही। रियाज ने इस वर्ष के शुरुआत में 11 मिनट का वीडियो जारी कर कश्मीरी पंडितों को घाटी में लौटने को कहा था।
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सद्दाम पाडर
सद्दाम पाडर
सद्दाम हिज्ब के पूर्व कमांडर बुरहान वानी का काफी करीबी था और सोशल मीडिया पर वायरल हुए हिज्ब के 12 आतंकियों के उस फोटो का हिस्सा भी था। पाडर के अलावा केवल तारिक पंडित ही है जो उस फोटो में देखे गए आतंकियों में से जिंदा है, लेकिन वह समर्पण कर चुका है।
पाडर पिछले करीब 4-5 साल से सक्रिय है। पहले वह लश्कर का हिस्सा था, लेकिन वर्ष 2015 में वह हिज्बुल में शामिल हुआ। मूसा द्वारा हिज्ब की कमान छोड़ने के बाद वह अगले हिज्ब प्रमुख होने के लिए शीर्ष दावेदारों में से एक था, लेकिन उसकी जगह नायकू ने ले ली। हालांकि वह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है, लेकिन एक चालाक आतंकी है और उन लोगों में से एक जिन पर बुरहान भरोसा करता था।
सद्दाम हिज्ब के पूर्व कमांडर बुरहान वानी का काफी करीबी था और सोशल मीडिया पर वायरल हुए हिज्ब के 12 आतंकियों के उस फोटो का हिस्सा भी था। पाडर के अलावा केवल तारिक पंडित ही है जो उस फोटो में देखे गए आतंकियों में से जिंदा है, लेकिन वह समर्पण कर चुका है।
पाडर पिछले करीब 4-5 साल से सक्रिय है। पहले वह लश्कर का हिस्सा था, लेकिन वर्ष 2015 में वह हिज्बुल में शामिल हुआ। मूसा द्वारा हिज्ब की कमान छोड़ने के बाद वह अगले हिज्ब प्रमुख होने के लिए शीर्ष दावेदारों में से एक था, लेकिन उसकी जगह नायकू ने ले ली। हालांकि वह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है, लेकिन एक चालाक आतंकी है और उन लोगों में से एक जिन पर बुरहान भरोसा करता था।
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Zeenat-ul-Islam
जीनत-उल-इस्लाम
जीनत घाटी में लश्कर की कमान संभालने वालों में से एक है। अबू इस्माइल के मारे जाने के बाद वही लश्कर की कमान संभालने का दावेदार है। 28 वर्षीय जीनत शोपियां जिले के सुगन जेनापोरा का निवासी है और वर्ष 2015 में आतंकी बना था। फरवरी में शोपियां में हुए हमले के भी मुख्य आरोपी में से एक माना जाता है जिसमें तीन सैनिक शहीद हुए थे।
उसे आईईडी विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है और लश्कर से पहले वह आतंकी संगठन अल-बदर का सदस्य था। वर्ष 2008 में उसे गिरफ्तार किया गया था जब उसने कबूला था कि वह ओजीडब्ल्यू के रूप काम कर रहा था, लेकिन उसे चार साल बाद रिहा कर दिया गया था। लश्कर मॉड्यूल में शामिल होने से पहले उसने शादी भी रचाई थी।
जीनत घाटी में लश्कर की कमान संभालने वालों में से एक है। अबू इस्माइल के मारे जाने के बाद वही लश्कर की कमान संभालने का दावेदार है। 28 वर्षीय जीनत शोपियां जिले के सुगन जेनापोरा का निवासी है और वर्ष 2015 में आतंकी बना था। फरवरी में शोपियां में हुए हमले के भी मुख्य आरोपी में से एक माना जाता है जिसमें तीन सैनिक शहीद हुए थे।
उसे आईईडी विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है और लश्कर से पहले वह आतंकी संगठन अल-बदर का सदस्य था। वर्ष 2008 में उसे गिरफ्तार किया गया था जब उसने कबूला था कि वह ओजीडब्ल्यू के रूप काम कर रहा था, लेकिन उसे चार साल बाद रिहा कर दिया गया था। लश्कर मॉड्यूल में शामिल होने से पहले उसने शादी भी रचाई थी।