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रायसेन में गहराया जलसंकट: सिलवानी के 100 गांवों में पानी के लिए भटक रहे लोग, 10 दिन में एक बार नहाने की मजबूरी

Tue, 03 May 2022 02:32 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन Published by: दिनेश शर्मा Updated Tue, 03 May 2022 02:32 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में गर्मी से भले दो दिनों से राहत है, पर बीते दिनों पड़ी भीषण गर्मी के बीच जलसंकट भी गहराने लगा है। रायसेन जिले के ग्रामीण क्षेत्रे में पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। नल-जल योजना से भी पानी नहीं पहुंच रहा है। कई गांवों में लोग पानी बचाने के लिए 10-10 दिनों तक नहीं नहा रहे हैं।
 

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Water crisis deepens in Raisen: People wandering for water in 100 villages of Silwani
गांव की महिलाएं दूर-दूर से पानी भरकर लाती हैं। - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश में गर्मी से भले दो दिनों से राहत है, पर बीते दिनों पड़ी भीषण गर्मी के बीच जलसंकट भी गहराने लगा है। रायसेन जिले के ग्रामीण क्षेत्रे में पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। नल-जल योजना से भी पानी नहीं पहुंच रहा है। कई गांवों में लोग पानी बचाने के लिए 10-10 दिनों तक नहीं नहा रहे हैं।


रायसेन जिले के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मियां शुरू होने से पहले ही भीषण जल संकट शुरू हो गया है। हालत ये है कि हैंडपंप बंद हो गए हैं। तो वहीं गांव की नलजल योजनाएं तक बंद पड़ी हैं। जिले की बेगमगंज तहसील के ग्राम फतेहपुर एवं माधोपुर में लोग पानी के लिए परेशान हैं। यहां लगे एक मात्र हैंडपंप पर 1000 लोगों की आबादी निर्भर है। इतना पानी मिल पा रहा है, वो उनके जीवन यापन के लिए भी कम पड़ रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि 10 दिन में एक बार नहाते हैं। जानकारी के अनुसार सिलवानी विधानसभा के लगभग 100 गांव जलसंकट से जूझ रहे हैं।
 
Water crisis deepens in Raisen: People wandering for water in 100 villages of Silwani
एक मात्र हैंडपंप पर 1000 लोगों की आबादी निर्भर है। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी में जलस्तर तेजी से नीचे चले जाने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। एक हैंडपंप पर सुबह से शाम तक पानी भरने वालों की भीड़ लगी रहती है। कई बार विवाद की स्थिति भी बनती है। हैंडपंप भी दूसरे मोहल्ले में है  एकमात्र हैंडपंप है, वो भी गर्मी में अंतिम सांसें ले रहा है। लोगों को दूरदराज खेतों पर जाकर पानी लाना पड़ता है। लोगों ने बताया कि गांव में फतेहपुर ग्राम पंचायत में नल-जल योजना की पानी की टंकी भी बन गई है, पाइप लाइन बिछाई गई, पर सप्लाई चालू नहीं की। इससे यह नल जल योजना सिर्फ शोपीस बनकर रह गई है। चिलचिलाती धूप में बच्चे, बड़े साइकिल पर, महिलाएं सर पर दूरदराज खेतों से पानी लाने को मजबूर हैं।
 
Water crisis deepens in Raisen: People wandering for water in 100 villages of Silwani
दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाकर गुजारा करना पड़ रहा है। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या को लेकर पंचायत के जिम्मेदारों व अन्य अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन किसी ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम फतेहपुर में ग्रामीणों को सालभर ही पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। 1000 लोगों का गांव सिर्फ एक हैंडपंप के सहारे हैं। एकमात्र हैंडपंप भी गर्मियों में दम तोड़ देता है। ग्रामीणों को दूर से खेतों पर जाकर पानी भरना पड़ता है।

मुख्य कार्यपालन यंत्री PHE स्वेता सिंह ने कहा कि फतेहपुर में पानी की किल्लत है। वहां सेमरी जलाशय योजना अंतर्गत टंकी बनी है। पाइप लाइन डल गई है। सप्लाई चालू नहीं हो सकी है। इसलिए परेशानी है। गांव में एक ही हैंडपंप चालू है। फ्लोराइड प्रभावित गांव होने से फ्लोराइड इफेक्टेड कुछ हैंडपंप बंद करने पड़े हैं। वर्तमान में शासकीय कुएं में मोटरपंप डालकर पेयजल की व्यवस्था की गई है। पानी के सैंपल लेकर टेस्टिंग भी कराएंगे, ताकि लोगों की सेहत पर प्रभाव न पड़े। नल-जल योजना मार्च में शुरू हो जाना थी, पर किन्हीं कारणों से अब ये जून तक संभवतया शुरू हो सकेगी।
 
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