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Ujjain News: ध्वजा से ग्रहों की ऊर्जा संतुलन की हुई आध्यात्मिक पहल, कृष्णा गुरुजी ने कही बड़ी बात
Sun, 18 May 2025 07:38 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 18 May 2025 07:38 PM IST
सार
उज्जैन के त्रिवेणी स्थित शनि नवग्रह मंदिर में रविवार शाम ध्वजारोहण अनुष्ठान आयोजित हुआ, जिसमें ग्रहों के अनुसार रंगीन ध्वज बदले गए। राहू-केतु के राशि परिवर्तन के अवसर पर हुए इस आयोजन का उद्देश्य ऊर्जा संतुलन और विश्व शांति था। कृष्णा गुरु ने नेतृत्व किया और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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कृष्णागुरुजी ने आज ग्रहों के पसंदीदा रंगों के अनुसार ध्वज बदली।
- फोटो : अमर उजाला
धार्मिक नगरी उज्जैन में रविवार शाम 5:08 मिनट पर ध्वजा से ग्रहों की ऊर्जा संतुलन की आध्यात्मिक पहल की गई। इस दौरान इंदौर रोड स्थित शनि मंदिर पर विशेष अनुष्ठान के बाद नवग्रह के मंदिरों की ध्वजारोहण कर ग्रहों के रंगों के अनुसार इन्हें लगाया गया।
आज ग्रहों के पसंदीदा रंगों के अनुसार ध्वज बदली गई।
- फोटो : अमर उजाला
देश की बागडोर युवा महिला नेता के हाथों में जाने की संभावना
कृष्णा गुरुजी ने कहा कि 2007 में जब केतु सिंह में था, तब भारत को प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल मिली थीं। अब 2025 में वही योग पुनः बना है। आने वाले कुछ माह में देश की बागडोर किसी युवा महिला नेता के हाथों में जाने की संभावना है।
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कृष्णा गुरुजी ने कहा कि 2007 में जब केतु सिंह में था, तब भारत को प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल मिली थीं। अब 2025 में वही योग पुनः बना है। आने वाले कुछ माह में देश की बागडोर किसी युवा महिला नेता के हाथों में जाने की संभावना है।
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कृष्णा गुरुजी ने पूजन किया।
- फोटो : अमर उजाला
ग्रहों के रंगो के अनुसार बदली गई ध्वजा
त्रिवेणी शनि मंदिर पर आज ग्रहों के पसंदीदा रंगों के अनुसार ध्वज बदली गई। इसके तहत सूर्य, मंगल के मंदिर के शिखर पर लाल ध्वजा, चंद्रमा और शुक्र पर सफेद ध्वजा, बुध पर हरि ध्वजा, गुरु की पीली ध्वजा और शनि, राहू, केतु के मंदिर के शिखर पर काली ध्वजा चढ़ाई गई।
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त्रिवेणी शनि मंदिर पर आज ग्रहों के पसंदीदा रंगों के अनुसार ध्वज बदली गई। इसके तहत सूर्य, मंगल के मंदिर के शिखर पर लाल ध्वजा, चंद्रमा और शुक्र पर सफेद ध्वजा, बुध पर हरि ध्वजा, गुरु की पीली ध्वजा और शनि, राहू, केतु के मंदिर के शिखर पर काली ध्वजा चढ़ाई गई।
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सू्र्यदेव का पूजन
- फोटो : अमर उजाला
इसीलिए हुआ यह आयोजन
आध्यात्मिक कृष्णा गुरु ने बताया कि राहू ने 18 वर्षों बाद कुंभ राशि में और केतु ने सिंह राशि में प्रवेश किया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर ही शनि नवग्रह मंदिर त्रिवेणी पर यह विशेष अनुष्ठान किया गया। जिसके माध्यम से विश्व शांति और सामूहिक ऊर्जा संतुलन की कामना भी की गई। आपने यह भी बताया कि किसी भी मंदिर के शिखर पर लहराती ध्वजा से ही ऊर्जा का संचार और नई दिशा मिलती है इसीलिए यह ध्वजारोहण किया गया।
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आध्यात्मिक कृष्णा गुरु ने बताया कि राहू ने 18 वर्षों बाद कुंभ राशि में और केतु ने सिंह राशि में प्रवेश किया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर ही शनि नवग्रह मंदिर त्रिवेणी पर यह विशेष अनुष्ठान किया गया। जिसके माध्यम से विश्व शांति और सामूहिक ऊर्जा संतुलन की कामना भी की गई। आपने यह भी बताया कि किसी भी मंदिर के शिखर पर लहराती ध्वजा से ही ऊर्जा का संचार और नई दिशा मिलती है इसीलिए यह ध्वजारोहण किया गया।
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