सावन के आखिरी सोमवार को उज्जैन में महाकाल की सवारी निकलेगी। सावन की आखिरी सवारी होने से इस बार भक्तों की संख्या भी ज्यादा रहने की संभावना जताई जा रही है। सुबह से भक्त महाकाल के दरबार में पहुंचने लगे हैं। भस्मारती में भी ज्यादा क्षद्धालु पहुंचे थे। महाकाल बाबा की भादौ महीने में भी दो सवारियां निकलेंगी। भादौ के दूसरे सोमवार 22 अगस्त को शाही सवारी निकाली जाएगी।
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के से ही भक्तों की कतार लगने लगी थी। आज शाम 4 बजे सावन महीने की आखिरी सवारी निकाली जाएगी। भगवान आज भी चार रूपों में दर्शन देंगे। चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिवतांडव, नंदी पर उमा महेश रूप में निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान सलामी देंगे।
महाकाल मंदिर से शुरू होकर सवारी कोटमोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए मोक्षदायिनी शिप्रा के तट पहुंचेगी। प्रशासन ने सवारी मार्ग पर सुरक्षा के चाकचौबंद इंतजाम किए हैं। भीड़ को दखते हुए स्कूली वाहनों के आवागमन में होने वाली परेशानी को देखते हुए शहर के समस्त स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए सोमवार का अवकाश घोषित किया गया है।
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बाबा महाकाल की सवारी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
भादौ की सवारी में अपार भीड़ की संभावना
भादौ महीन में भी दो सवारियां निकाली जाती हैं। भादौ की पहली सवारी 15 अगस्त को पड़ने वाली है। इस दिन सभी जगह अवकाश रहने से संभावना जताई जा रही है कि उम्मीद से ज्यादा लोग सवारी में पहुंच सकते हैं। वहीं भादौ के दूसरे सोमवार यानी 22 अगस्त को बाबा की शाही सवारी निकलेगी। इस दिन पांच लाख से ज्यादा लोग सवारी में पहुंचने का अनुमान है। प्रशासन ने इसके लिए खास इंतजाम की योजना बनाई है।