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MP News: पेड़ों की जड़ों और सुखी लकड़ियों से बनाई महाकाल की प्रतिमा,10 फीट ऊंचे शिवजी को देखने पहुंच रहे लोग

Sun, 24 Jul 2022 02:20 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sun, 24 Jul 2022 02:20 PM IST
सार

MP News: पेड़ों की जड़ों और सुखी लकड़ियों से बनाई महाकाल की प्रतिमा,10 फीट ऊंचे शिवजी को देखने पहुंच रहे लोग

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Statue of Mahakal made from tree roots and dry wood in Seoni, people reaching 10 feet high to see Shiva
पेड़ की जड़ों और सूखी लकड़ियों से बना दी महाकाल की प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में शिवभक्ती में डूबे एक कलाकार ने पेड़ की जटाओं और सूखी लकड़ियों से बाबा महाकाल की प्रतिमा का निर्माण किया है। करीब 10 फीट ऊंची यह विशाल शिव प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है दूर-दूर से लोग इस प्रतिमा को देखने आ रहे हैं। और प्रतिमा बनाने वाले कलाकार ऋषभ कश्यप की तारीफ कर रहे हैं।
Statue of Mahakal made from tree roots and dry wood in Seoni, people reaching 10 feet high to see Shiva
लोग दूर-दूर से महाकाल की प्रतिमा देखने पहुंच रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
महाकाल की प्रतिमा बनाने वाले स्थानीय कलाकार ऋषभ ने बरगद के पेड़ की जटाओं और सूखी लकड़ियों से महाकाल की प्रतिमा बनाई है। सावन के महीने में घर-घर में शिव आराधना की जा रही है। शिव भक्ती में डूबे ऋषभ ने भी प्राकृतिक सामग्रियों से भगवान महाकाल की प्रतिमा बना अपनी आस्था व्यक्त की है। सिवनी शहर के लगभग 2000 साल पुराने प्रसिद्ध और प्राचीन मठ मंदिर में पेड़ों की बेला, डाली और लकड़ियों से बाबा महाकाल की सुंदर प्रतिमा का निर्माण किया है, प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं।
Statue of Mahakal made from tree roots and dry wood in Seoni, people reaching 10 feet high to see Shiva
प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। - फोटो : अमर उजाला
कलाकार ऋषभ ने बताया कि भगवान शिव की कलाकृति बनाने के लिए सबसे पहले एक गड्ढा खोदा। इसके बाद पेड़ से काटकर लाई गई टहनी को उसमें खड़ाकर मिट्टी से भर दिया। बीते दिनों आई आंधी में उसने सहयोगी के साथ लकडिय़ों को एकत्र किया था। उसको टहनी से जोडऩे के बाद उसमें जंगल से लाई गई बरगद की जड़, टोकनी और अन्य सामानों का उपयोग कर भोलेनाथ और नाग की आकृति तैयार कर दी। भगवान भोलेनाथ की आकृति को देखने के लिए शहर भर के लोग मठ मंदिर पहुंच रहे हैं।
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