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Kubereshwar Dham: कुबेरेश्वर धाम में तीन साल के बच्चे समेत दो महिलाओं की मौत, अब रुद्राक्ष वितरण पूरे साल होगा

Fri, 17 Feb 2023 04:45 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 17 Feb 2023 04:45 PM IST
सार


 

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Rudraksh distribution stopped in Kubereshwar Dham decision taken in view of uncontrollable crowd
कुबेरेश्वर धाम में तीन साल के बच्चे की मौत - फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण में शामिल होने आईं दो महिलाओं और एक तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। गुरुवार को महाराष्ट्र की एक महिला की मौत हुई थी, जिसके बाद शुक्रवार को एक महिला और एक तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए फिलहाल रुद्राक्ष वितरण रोक दिया गया है। पं. प्रदीप मिश्रा ने घोषणा की अब सालभर में कभी भी आकर रुद्राक्ष लिए जा सकते हैं। 


बताया जा रहा है कि माता पिता महाराष्ट्र के जलगांव से बच्चे को लेकर कुबेरेश्वर धाम आए थे। बच्चे की तबीयत खराब थी, पैदल आने के चलते वह रास्ते में और ज्यादा बीमार हो गया, जिसके बाद माता-पिता उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। वहीं एक अन्य महिला की भी मौत हो गई। वहीं 70 से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं।

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा शिव कथावाचन के साथ ही अभिमंत्रित रुद्राक्ष भी बांट रहे हैं। बेकाबू भीड़ को देखते हुए गुरुवार को करीब 12 बजे से रुद्राक्ष वितरण रोक दिया गया है। आज यानि शुक्रवार को रुद्राक्ष वितरण के दूसरे दिन भी इसे बंद ही रखा गया है। गुरुवार को कुबेरेश्वर धाम में भीड़ अनियंत्रित हो गई थी, जिससे भगदड़ जैसे हालात बन गए थे, वहीं महाराष्ट्र की एक महिला की मौत भी हो गई थी।

10 लाख लोग पहुंचे कुबेरेश्वर धाम
रुद्राक्ष पाने की ख्वाहिश लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से 10 लाख से ज्यादा लोग इस वक्त कुबेरेश्वर धाम पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के चलते यहां हालात बेकाबू हो गए हैं। प्रशासन ने 10 लाख लोगों के यहां पहुंचने की तैयारी की थी, लेकिन लगातार आ रही भीड़ के चलते प्रशासन यहां व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संभाल नहीं पा रहा है। कुबेरेश्वर धाम में 16 फरवरी से 22 फरवरी तक रुद्राक्ष वितरण और शिव कथा का आयोजन होना था, लेकिन फिलहाल बढ़ती भीड़ को देखते हुए रुद्राक्ष वितरण बंद कर दिया गया है। सीहोर जिले में हालात ये हैं कि स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक और कुबेरेश्वर धाम के आस-पास के क्षेत्र में पैर रखने तक की जगह नहीं है। वहीं, भोपाल-इंदौर हाईवे पर गुरुवार सुबह से ही कई किमी लंबा जाम लगा है। गुरुवार को देर रात करीब 15 किमी का जाम लगा रहा। जाम में बड़ी संख्या में कुबेरेश्वर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु शामिल थे। 

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के दौरान कहा कि बीते रुद्राक्ष महोत्सव में ये सीखने को मिला है कि लाखों रुद्राक्ष आएंगे पर इन्हें रुद्राक्ष महोत्सव, शिवमहापुराण के समय नहीं बांटा जाएगा। अब सालभर में कभी भी आकर रुद्राक्ष लिए जा सकते हैं। कोई फाइल नहीं, बस आकर कह देना कि बाबा का प्रसाद दे दो। 
Rudraksh distribution stopped in Kubereshwar Dham decision taken in view of uncontrollable crowd
इंदौर-भोपाल मार्ग पर करीब 20 किमी लंबा जाम लग गया था। - फोटो : सोशल मीडिया
करीब चार लाख रुद्राक्ष बांटे गए 
रुद्राक्ष वितरण 16 फरवरी से होना था, लेकिन 15 फरवरी को ही करीब एक लाख लोग रुद्राक्ष पाने के लिए कुबेरेश्वर धाम पहुंच गए थे, जिसके बाद समिति ने एक दिन पहले से ही रुद्राक्ष बांटना शुरू कर दिया था। 15 फरवरी को करीब एक लाख रुद्राक्ष बांटे गए थे। वहीं गुरुवार को रुद्राक्ष वितरण बंद होने से पहले करीब साढ़े तीन लाख रुद्राक्ष बांटने की बात कही गई है। दो दिनों में करीब चार लाख से ज्यादा रुद्राक्ष बांटे जाने का दावा किया जा रहा है।

नाराज श्रद्धालुओं ने की तोड़फोड़
रुद्राक्ष लेने के लिए देश के अलग-अलग शहरों से लोग काफी दिक्कतों का सामना करते हुए कुबेरेश्वर धाम पहुंचे हैं। गुरुवार को ही उम्मीद से ज्यादा लोग पहुंच गए और व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई। ऐसे में रुद्राक्ष नहीं मिल पाने से आक्रोशित श्रद्धालुओं ने वहां बनाए गए 32 काउंटरों में तोड़फोड़ कर दी, वहीं व्यवस्था के लिए लगाई गईं बल्लियां भी उखाड़ फेंकी। कई घंटों तक लाइन में लगे रहने के चलते करीब सात हजार लोगों की तबीयत खराब हो गई, जिन्हें कुबेरेश्वर धाम में बनाए गए स्वास्थ्य शिविर के अलावा जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
 
Rudraksh distribution stopped in Kubereshwar Dham decision taken in view of uncontrollable crowd
सीहोर स्टेशन - फोटो : अमर उजाला
स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक सिर्फ भीड़
सीहोर में हालात ये हैं कि स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक सिर्फ लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। स्टेशन में पैर रखने तक की जगह नहीं है तो वहीं बसों में भी लोग भरे हुए हैं। इंदौर-भोपाल हाईवे पर करीब 15 से 20 किमी लंबा जाम लगा है। रुद्राक्ष पाने के लिए लोग अपने वाहनों से आए, जिसके चलते यहां लंबा जाम लग गया। 

मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त
लाखों लोगों के एकजुट होने के चलते मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। लोग अपनों से बिछड़ रहे हैं तो फिर उन्हें ढूंढ नहीं पा रहे हैं। तो वहीं जो लोग अपने साथ नगदी लेकर नहीं आएं हैं वह पानी तक खरीद नहीं पा रहे हैं। नेटवर्क की दिक्कतों के चलते लोग कैशलेस ट्रांजेक्शन नहीं कर पा रहे हैं। पैसे चोरी होने के डर से बड़ी संख्या में लोग अपने साथ ज्यादा कैश नहीं ले गए हैं और अब उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सोने के लिए भी नहीं मिल रही जगह
जहां लोग दिन में रुद्राक्ष पाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं तो वहीं रात में भी उन्हें चैन नहीं मिल पा रहा है। कुबेरेश्वर धाम समिति को करीब पांच से छह लाख लोगों के आने की उम्मीद थी, जिसे देखते हुए उन्होंने तैयारियां की थी, लेकिन उम्मीद से ज्यादा लोगों के पहुंचने के चलते हालात बिगड़ गए हैं। लोगों के लिए बनाए गए डोम पूरी तरह से फुल हो गए, जिसके चलते लोगों को खुले में ही साड़ी और साथ लाए चादर बिछाकर रात काटनी पड़ रही है। वहीं, कलेक्टर का कहना है कि कुबेरेश्वर धाम समिति ने शिव कथा आयोजन के लिए इजाजत ली थी और करीब छह लाख लोगों के आने का अनुमान था, हालांकि प्रशासन ने 10 लाख लोगों के आने की व्यवस्था की थी, लेकिन लोगों के आने का सिलसिला थम नहीं रहा, जिसके चलते व्यवस्थाएं ठप्प हो गई हैं।
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Rudraksh distribution stopped in Kubereshwar Dham decision taken in view of uncontrollable crowd
देश के अलग-अलग शहरों से कुबेरेश्वर धाम पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
नेपाल से आए रुद्राक्ष से बनाया शिवलिंग
कुबेरेश्वर धाम पर भव्य आयोजन का यह दूसरा वर्ष है। करीब 50 लाख से अधिक रुद्राक्ष नेपाल से श्रद्धालुओं के लिए मंगवाए गए हैं। इनसे छह फीट ऊंचा शिवलिंग बनाया गया है। इन्हीं अभिमंत्रित रुद्राक्ष का वितरण कथा स्थल के पास बनाए गए काउंटरों से सातों दिन तक 24 घंटे तक होना था, जो कि बिगड़ी स्थिति को देखते हुए बंद कर दिया गया है।
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