मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतों में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। जहां कई गावों में निर्विरोध सरपंच और पंच चुन लिए गए तो वहीं, कई गांवों में जनगणना के बाद तस्वीर साफ हो गई है। प्रदेश की कई पंचायतों में महिलाओं को सरपंच और पंच की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। वहीं, कई गांव ऐसे भी हैं जहां ग्रामीणों ने युवा सरपंच को चुना है। आइए आपको प्रदेश की तीन युवा महिला सरपंचों से मिलवाते हैं जो 'गांव सरकार' चलाएंगी।
अमरपाटन में रागिनी बनी सरपंच
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रागिनी पटेल ग्राम पंचायत झिरिया कोपरिहान में सरपंच चुनी गईं।
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सतना जिले के अमरपाटन में रागिनी पटेल महज 21 साल की उम्र में सरपंच बनी हैं। रागिनी ने सरपंच की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए सात प्रतिद्वंदियों को हराया और 20 वोट से जीत दर्ज की। रागिनी के सरपंच बनने के बाद परिवार के लोगों के साथ ही गांव के लोग भी जश्न मना रहे हैं। कम वोटों से ही सही, लेकिन अनारक्षित महिला सीट पर अपना कब्जा जमा कर रागिनी ने एक बड़ी जीत हासिल की है। रागिनी के पिता रामाश्रय पटेल किसान हैं।
अमरपाटन के झिरिया कोपरिहान गांव में सरपंच का पद अनारक्षित महिला के खाते में आया था, रागिनी के साथ ही सामान्य वर्ग की 6 महिलाओं और एससी वर्ग की एक अभ्यर्थी के साथ रागिनी ने भी नामांकन दाखिल किया था। रागिनी गांव से पंचायत चुनाव में सबसे कम उम्र की उम्मीदवार थी।
उज्जैन में 21 साल की लक्षिका बनी सरपंच
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लक्षिका डागर ने सात प्रतिद्वंदियों को हराकर सरपंच पद पर जीत दर्ज की।
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उज्जैन जिले की चिंतामन जवासिया ग्राम पंचायत में मतदाताओं ने 21 साल की लक्षिका डागर को सरपंच चुना है। लक्षिका सबसे कम उम्र की सरपंच बनी है। इस ग्राम पंचायत की कुल आबादी 3265 है। पंचायत चुनाव के लिए हुए आरक्षण में यहां एससी महिला के लिए सरपंच पद आरक्षित हुआ था। गांव से अजा वर्ग की करीब आठ महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में थी। इनमें सबसे कम उम्र की लक्षिका ही थी। लक्षिका ने सात प्रतिद्वंदियों को हराते हुए 487 मतों से विजय हासिल की। नवनिर्वाचित सरपंच लक्षिका डागर ने बताया कि गांव के विकास के लिए कार्य करना था। जब सरपंच के लिए पंचायत में अजा वर्ग की महिला के लिए आरक्षण हुआ, तभी लक्ष्य बना लिया था कि चुनाव लड़कर गांव की समस्या दूर करना है। नामांकन भरने के साथ ही गांव के विकास को लेकर लक्ष्य तय किया था। घोषणा पत्र में वादा किया है कि गांव में पेयजल, नाली, स्ट्रीट लाईट की समस्या हल करना है। साथ ही गांव के आवासविहीन परिवारों के लिए आवास योजना का लाभ दिलाने का वादा पूरा करेंगी। इसके साथ ही गांव के पंचायत कार्यालय में ग्रामीणों की समस्या सुनने के लिए उपलब्ध रहेंगी। जिससे ग्रामीणों की समस्या का निराकरण हो सके।
नरसिंहपुर में अमेरिका रिटर्न पैड जीजी निर्विरोध सरपंच
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माया विश्वकर्मा, साईखेड़ा सरपंच
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नरसिंहपुर के साईंखेड़ा तहसील से माया विश्वकर्मा को सरपंच चुना गया है। अमेरिका रिटर्न माया को लोग पैड वूमेन और पैड जीजी के नाम से जानते हैं। माया समाज सेविका हैं उनके बेहतरीन कार्यों को देखते हुए ग्रामीणों ने उन्हें निर्विरोध सरपंच चुना है। माया के अलावा ग्रामीणों इस पंचायत में ग्रामीणों ने 11 महिलाओं को निर्विरोध पंच चुनकर मिसाल पेश की है। माया विश्वकर्मा ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन फ्रांसिस्को में ब्लड कैंसर पर रिसर्च किया। साईंखेड़ा में सभी माया को 'पैड जीजी' के नाम से जानते हैं। माया सुकर्मा फाउंडेशन के जरिए सोशल वर्क करती हैं। उनके सरपंच बनने से गांव के लोग खासकर महिलाएं काफी खुश हैं।