फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Maheshwar News: रेवा तट पर उमंग और श्रद्धा का संगम, कल माहिष्मती पंचकोशी पदयात्रा 39वें वर्ष में करेगी प्रवेश

Mon, 07 Apr 2025 07:54 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेश्वर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 07 Apr 2025 07:54 PM IST
सार

महेश्वर में मां नर्मदा के तट पर पंचकोशी पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा 70 किमी की दूरी तय कर पांच दिन में पूरी होगी, जिसमें 15,000 से अधिक श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। अहिल्या घाट से शुरू हुई यह यात्रा आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक मानी जाती है।

विज्ञापन
maheshwar panchkoshi yatra begins from ahilya ghat narmada devotion 2025
महेश्वर के घाट पर रुकी पंचकोशी यात्रा - फोटो : अमर उजाला
मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित धार्मिक नगरी महेश्वर एक बार फिर आस्था और भक्ति के रंग में रंग उठी है। अहिल्या नगरी में सोमवार रात्रि पंचकोशी यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने शिव अर्पण नगरी के विविध घाटों पर रात्रि विश्राम किया। मंगलवार प्रातः 5 बजे यह यात्रा अपने 39वें वर्ष में प्रवेश करते हुए एक नई आध्यात्मिक यात्रा का शुभारंभ करेगी।

 
  •  
maheshwar panchkoshi yatra begins from ahilya ghat narmada devotion 2025
महेश्वर के घाट पर रुकी पंचकोशी यात्रा - फोटो : अमर उजाला
नर्मदा परिक्रमा का संपूर्ण मार्ग 1312 किलोमीटर लंबा होता है, जिसे पूर्ण करने में साधकों को तीन वर्ष, तीन माह और तेरह दिन का समय लगता है। यह कठिन और तपस्वी यात्रा सभी के लिए संभव नहीं होती, इसलिए धर्मशास्त्रों और संतों के मार्गदर्शन में नर्मदा भक्तों ने 21 लघु चक्रीय यात्राओं का विधान बनाया है। इन लघु यात्राओं में भी श्रद्धा, भक्ति और तप की उसी भावना का दर्शन होता है।

ये भी पढ़ें- 2100 दीयों से जगमगाई सीवन नदी, रंगोली से सजाया घाट, जीर्णोद्धार के लिए खर्च किए जा रहे 25 करोड़
maheshwar panchkoshi yatra begins from ahilya ghat narmada devotion 2025
महेश्वर के घाट पर रुकी पंचकोशी यात्रा - फोटो : अमर उजाला
यह यात्रा प्रतिवर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी से प्रारंभ होकर शुक्ल पूर्णिमा तक चलती है। मंगलवार सुबह लगभग 5:30 बजे अहिल्या घाट पर मां नर्मदा का पूजन कर यात्रा का शुभारंभ होगा। दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालु इस पावन पदयात्रा में सम्मिलित होंगे। पंचकोशी यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक एकता का भी जीवंत उदाहरण है। महेश्वर का अहिल्या घाट एक बार फिर भक्ति, नाद और “नर्मदा मैया की जय” के जयघोष से गूंज उठा है।

ये भी पढ़ें- मां बिरासिनी देवी मंदिर में महाआरती और ऐतिहासिक जवारा जुलूस की भव्य तैयारी, उमड़ा जनसैलाब

पंचकोशी यात्रा की विशेषताएं
  • कुल दूरी: लगभग 70 किलोमीटर
  • समय अवधि: 5 दिन
  • यात्रा मार्ग: निमाड़ और मालवा क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों से होकर
  • धार्मिक स्थल: 50 से अधिक प्रमुख तीर्थस्थलों का दर्शन
  • श्रद्धालु संख्या: लगभग 15,000 पदयात्री
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed