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Kuno National Park: एक महीने तक शिकार नहीं कर सकेंगे चीते, क्वारंटीन बाड़े में मिलेगा भैंसे का मीट

Mon, 19 Sep 2022 07:50 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 19 Sep 2022 07:50 PM IST
सार

चीतों का दूसरा दिन भी ठीक रहा। चीतों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। नई जगह होने से वे पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं, थोड़ी सी आवाज पर भी डरे नजर आ रहे हैं। खाना-पीना सामान्य नजर आ रहा है। 

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Kuno National Park: Cheetahs will not be able to hunt for a month
Cheetah Reintroduction Project - फोटो : अमर उजाला
नामीबिया से लाए गए चीतों का आज बाड़े में दूसरा दिन था। लगातार उन पर नजर रखी जा रही है। हर चीते के लिए एक टीम काम कर रही है। चीते आज थोड़े सहज नजर आ रहे थे। हालांकि नई जगह का डर अब भी उनमें नजर आ रहा है। एक महीने तक चीतों को क्वारंटीन बाड़े में रखा जाएगा, यहीं उनके खाने का इंतजाम किया जाएगा। यानी एक महीने तक वे शिकार नहीं कर सकेंगे। 

 
Kuno National Park: Cheetahs will not be able to hunt for a month
Cheetah Reintroduction Project - फोटो : अमर उजाला
कूनो पार्क प्रबंधन ने बताया कि चीतों का दूसरा दिन भी ठीक रहा। चीतों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। नई जगह होने से वे पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं, थोड़ी सी आवाज पर भी डरे नजर आ रहे हैं। खाना-पीना सामान्य नजर आ रहा है। उन्हें अलग-अलग समय में औसतन डेढ़ किलो भैंसे का मीट दिया जा रहा है। सभी चीतों को एक महीने तक क्वारंटीन वाले बाड़े में ही रखना है तो वे शिकार नहीं कर पाएंगे। जानकारों का मानना है कि भले ही जंगल के माहौल की तुलना अफ्रीका के जंगल से की जा रही हो पर परिस्थिति में अंतर तो है। चीतों को यहां के वातावरण में ढलने में लंबा वक्त भी लग सकता है। 
 
Kuno National Park: Cheetahs will not be able to hunt for a month
आठ चीते नामीबिया से लाए गए हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
सीसीएफ (चीता कंजर्वेशन फंड) की लॉरी मार्कर बताती हैं कि भारत में चीतों को बसाने में आसानी से सफलता नहीं मिल सकती। इसमें काफी वक्त लगता है। हालांकि इसके लिए लगातार मेहनत की जा रही है। बताया जा रहा है कि चीते नए माहौल में ढलने की कोशिश कर रहे हैं। वे बाड़े में लगातार घूम रहे हैं। आवाजों पर चौंक रहे हैं। चीते जांच में भी स्वस्थ पाए गए हैं। 
 
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Kuno National Park: Cheetahs will not be able to hunt for a month
चीते कुछ दिन क्वारंटीन में रहेंगे, फिर उन्हें बड़े बाड़े में शिफ्ट किया जाएगा। - फोटो : सोशल मीडिया
लॉरी मार्कर ने कहा कि भारत से विलुप्त होने के बाद चीतों को कहीं और से लाकर बसाने का ही विकल्प बचा था। भारत में इनकी बड़ी आबादी स्थापित करने का लक्ष्य बनाया गया है इसलिए इन्हें अभी और लाया जाएगा। साथ ही कहा, भारत के प्रोजेक्ट चीता के परिणाम अगले 5 से 10 वर्ष में सामने आएंगे। लॉरी ने दावा किया, चीतों को बचाना दुनिया बदलने जैसा है। चीता तीन दिन में एक बार भोजन करता है। दो दिन पहले भारत आने से पहले इन्हें भैंस का मीट दिया था। आज फिर इन्हें वही दिया जाएगा।
 
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