खजुराहो नृत्य महोत्सव के तीसरे दिन मोहिनी अट्टम, भरतनाट्यम, कथक और शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां हुई। सबसे पहले केरल के शास्त्रीय नृत्य मोहिनी अट्टम की प्रस्तुति त्रिवेंद्रम्ब की नीना प्रसाद ने दी। उन्होंने सहज और सधे भावों के साथ इसे प्रस्तुत किया। जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
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खजुराहो नृत्य समारोह
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इसके बाद बैंगलुरु के पार्श्वनाथ उपाध्याय और उनके साथियों श्रुति, गोपाल एवं आदित्य पीवी ने भरतनाट्यम की अद्भुत प्रस्तुति दी। पार्श्वनाथ और उनके साथियों ने बड़े कौशल के साथ ये प्रस्तुति दी।
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खजुराहो नृत्य समारोह में प्रस्तुति देती कलाकार
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हिमांशु श्रीवास्तव और रूपा मधुसूदन द्वारा रचित गीत- "लोक लक्ष्य लक्ष्मी मैं माया, कौन मुझे त्याग कर पाया?" पर भरतनाट्यम की प्रस्तुति ने लोगों के दिलों को छू लिया। प्रस्तुति में रोहित भट उप्पूर एवं रघुराम गायन पर थे,जबकि मृदंग पर हर्ष समागम, बाँसुरी पर जयराम किक्केरी, सितार पर सुमारानी ने साथ दिया।
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48वां खजुराहो नृत्य समारोह
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कार्यक्रम का समापन मुम्बई से आईं इंदौर की बेटी टीना तांबे के कथक नृत्य से हुई। टीना तांबे नृत्य में कथक के तीन घराने लखनऊ, जयपुर और रायगढ़ की खुशबू को महसूस किया जा सकता है। उनके नृत्य में तैयारी देखी जा सकती है। उन्होंने माता भवानी की प्रस्तुति से अपने नाच का आगाज़ किया। वहीं धमार ताल की विविध लयकारियों के साथ शुद्ध नृत्य की उन्होंने अगली प्रस्तुति ओजपूर्ण ढंग से दी।