मध्यप्रदेश की विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो में सात दिवसीय 48वें खजुराहो नृत्य समारोह का भव्य आगाज हुआ। प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने इस समारोह का शुभारंभ किया। इस समारोह में कई देशों के राजदूत खास मेहमान बने हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा और क्षेत्रीय सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी मौजूद रहे।
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खजूराहो नृत्य समारोह की प्रस्तुति
- फोटो : अमर उजाला
इस वर्ष खजुराहो नृत्य महोत्सव में जहां कार्यक्रम के पहले दिन स्वर्गीय पंडित बिरजू महाराज के शिष्यगढ़ कला आश्रम नई दिल्ली के द्वारा कत्थक समूह की प्रस्तुति प्रदान की गई तो वहीं भरतनाट्यम की भी प्रस्तुति हुई, इसके अतिरिक्त प्रतिदिन सायंकाल कथक, भरतनाट्यम, ओडीसी, कुचीपुड़ी, मोहिनीअट्टम, भरतनाट्यम, भरतनाट्यम समूह, कत्थक समूह, एवं मणिपुरी समूह के मनमोहक नृत्य हुए।
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खजुराहो नृत्य समारोह की प्रस्तुति
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21 फरवरी को सुजाता महापात्रा, भुवनेश्वर-ओडिसी, निरुपमा राजेंद्र, बैंगलोर, भरतनाट्यम-कथक (समागम), जयरामा राव एवं साथी, दिल्ली-कुचिपुड़ी समूह प्रस्तुति होगी। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि नृत्य समारोह में देश एवं विश्व के विख्यात कलाकार अपनी नृत्य प्रस्तुतियां देंगे। नृत्य के लिए राष्ट्रीय कालिदास सम्मान और मध्यप्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार भी समारोह में प्रदान किए जाएंगे।
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खजुराहो नृत्य समारोह की प्रस्तुति
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समारोह में भारतीय नृत्य-शैलियों के सांस्कृतिक परिदृश्य एवं कला-यात्रा की प्रदर्शनी कथक पर एकाग्र-नेपथ्य, भारत सहित विश्व के अन्य देशों की कला प्रदर्शनी, आर्ट-मार्ट, कलाकार और कलाविदों का संवाद-कलावार्ता, वरिष्ठ चित्रकार लक्ष्मीनारायण भावसार की कला अवदान पर एकाग्र प्रदर्शनी- प्रणति, देशज ज्ञान एवं परम्परा का मेला-हुनर के साथ कला परंपरा और कलाकारों पर केन्द्रित फिल्मों का उपक्रम-चलचित्र जैसे प्रमुख आयोजन होंगे।
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खजुराहो नृत्य समारोह की प्रस्तुति
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संस्कृति विभाग की उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद के साथ मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और जिला प्रशासन छतरपुर के संयुक्त प्रयास से नृत्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। खजुराहो नृत्य समारोह की शुरुआत 1975 में मंदिर प्रांगण से ही हुई थी।