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Ground Report: सुपर कॉरिडोर पर ट्रैफिक जाम और हादसों में इजाफा, एंबुलेंस का निकलना भी मुश्किल
Thu, 23 Feb 2023 06:34 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 23 Feb 2023 06:34 PM IST
सार
दुनियाभर की कंपनियों के लिए तैयार किए गए सुपर कॉरिडोर में जाम तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि यहां से एंबुलेंस का निकलना भी मुश्किल है।
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अरबिंदो चौराहे पर एंबुलेंस को भी नहीं मिला रास्ता
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में दुनियाभर की शीर्ष कंपनियों को जगह दी जा रही है। यहां पर मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट स्टार्टअप पार्क भी आ रहा है। इन सबके बावजूद यहां पर ट्रैफिक जाम और हादसों में लगातार इजाफा हो रहा है। अमर उजाला रिपोर्टर ने जब क्षेत्र का स्कैन किया तो देखा कि यहां पर सुबह से शाम तक लगातार जाम लग रहा है और रात के समय में मेट्रो के काम की वजह से बनी अव्यवस्था से कई जगह हादसों का अंदेशा बना हुआ है।
दुर्घटना संभावित क्षेत्र के जगह जगह लगे हैं बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
बड़े वाहनों की आवाजाही और रास्ता संकरा
बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए यह मुख्य रास्ता है। मेट्रो का काम चलने की वजह से यहां के मुख्य मार्ग संकरे हो गए हैं। डिवाइडर मुख्य सडक़ के बीच तक लगे हैं। ऐसे में बड़े वाहन शुरुआत में फंसते हैं और जल्द ही कतार लग जाती है।
एंबुलेंस के लिए भी रास्ता नहीं
जब अमर उजाला रिपोर्टर ने क्षेत्र की ग्राउंड रिपोर्टिंग की तो सुपर कॉरिडोर के अधिकांश चौराहों पर जाम मिला। शहर के मुख्य अस्पताल अरबिंदो के चौराहे पर तो एंबुलेंस को क्रॉस करने के लिए 10 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। एंबुलेंस को आने वाले चौराहों पर भी यही स्थिति का सामना करना पड़ा।
बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए यह मुख्य रास्ता है। मेट्रो का काम चलने की वजह से यहां के मुख्य मार्ग संकरे हो गए हैं। डिवाइडर मुख्य सडक़ के बीच तक लगे हैं। ऐसे में बड़े वाहन शुरुआत में फंसते हैं और जल्द ही कतार लग जाती है।
एंबुलेंस के लिए भी रास्ता नहीं
जब अमर उजाला रिपोर्टर ने क्षेत्र की ग्राउंड रिपोर्टिंग की तो सुपर कॉरिडोर के अधिकांश चौराहों पर जाम मिला। शहर के मुख्य अस्पताल अरबिंदो के चौराहे पर तो एंबुलेंस को क्रॉस करने के लिए 10 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। एंबुलेंस को आने वाले चौराहों पर भी यही स्थिति का सामना करना पड़ा।
लवकुश चौराहा
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
ट्रैफिक पुलिस का भी ध्यान नहीं
शहर के केंद्रीय क्षेत्रों के ट्रैफिक को सुधारने में उलझी ट्रैफिक पुलिस का भी इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यहां के चौराहों पर पुलिसकर्मी कभी कभी ही नजर आते हैं। यहां पर हादसों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है इसके बावजूद भी पुलिसकर्मी यहां पर तैनात नहीं किए जा रहे हैं।
तीन थानों ने लिखे पीडब्ल्यूडी को पत्र, हर माह 10 हादसे
सुपर कारिडोर पर गांधीनगर, बाणगंगा और एरोड्रम थाने की सीमा लगती है। तीनों थानों में हर माह करीब 10 सडक़ हादसों के केस आ रहे हैं। इनमें हर माह तीन लोग जान गंवा रहे हैं। हाल ही मेंं गांधीनगर थाना प्रभारी ने क्षेत्र में ब्लैक स्पाट चिह्नित किए हैं, ताकि हादसों में कमी आ सके। इसके लिए पीडब्लूडी को पत्र भी लिखा है। छोटा बांगड़दा चौराहे को लेकर बाणगंगा और एरोड्रम थाना पुलिस ने भी पत्र लिखे हैं। वर्तमान में कारिडोर पर मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य जारी है। मेट्रो का काम चलने के दौरान भी यहां वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। कई जगह सडक़ पर रेती, गिट्टी, सरिए मिल जाते हैं जो वाहन चालकों के लिए हादसे की मुख्य वजह बनते हैं।
शहर के केंद्रीय क्षेत्रों के ट्रैफिक को सुधारने में उलझी ट्रैफिक पुलिस का भी इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यहां के चौराहों पर पुलिसकर्मी कभी कभी ही नजर आते हैं। यहां पर हादसों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है इसके बावजूद भी पुलिसकर्मी यहां पर तैनात नहीं किए जा रहे हैं।
तीन थानों ने लिखे पीडब्ल्यूडी को पत्र, हर माह 10 हादसे
सुपर कारिडोर पर गांधीनगर, बाणगंगा और एरोड्रम थाने की सीमा लगती है। तीनों थानों में हर माह करीब 10 सडक़ हादसों के केस आ रहे हैं। इनमें हर माह तीन लोग जान गंवा रहे हैं। हाल ही मेंं गांधीनगर थाना प्रभारी ने क्षेत्र में ब्लैक स्पाट चिह्नित किए हैं, ताकि हादसों में कमी आ सके। इसके लिए पीडब्लूडी को पत्र भी लिखा है। छोटा बांगड़दा चौराहे को लेकर बाणगंगा और एरोड्रम थाना पुलिस ने भी पत्र लिखे हैं। वर्तमान में कारिडोर पर मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य जारी है। मेट्रो का काम चलने के दौरान भी यहां वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। कई जगह सडक़ पर रेती, गिट्टी, सरिए मिल जाते हैं जो वाहन चालकों के लिए हादसे की मुख्य वजह बनते हैं।
