इंदौर की उज्मा खान ने कर्तव्य परायणता की जो मिसाल पेश की है वह आज के समय में बहुत कम देखने को मिलती है. प्रेग्नेंसी में पूरा समय होने पर भी उन्होंने अवकाश लेने से मना कर दिया और ड्यूटी टाइम में हुए लेबर पेन के बाद बच्ची को जन्म दिया. हाल ही में हुए प्रवासी भारतीय सम्मेलन और ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के दौरान प्रदेशभर के पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के चलते इंदौर बुलाया गया. इस लिहाज से इंदौर के पुलिसकर्मियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां थी. इंदौर पुलिस लाइन में पदस्थ सूबेदार उज्मा खान ने इस बात की गंभीरता को समझा और प्रेग्नेंसी का पूरा समय होने के बावजूद ड्यूटी पर डटीं रही. उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें अवकाश लेने के लिए कहा लेकिन उन्होंने अवकाश के लिए मना कर दिया. पीएम मोदी सोमवार नौ जनवरी को इंदौर पहुंचे और उज्मा दिन भर उनकी ड्यूटी में व्यस्त रहीं। उन्होंने मंगलवार और बुधवार को भी ड्यूटी की और बुधवार रात ड्यूटी के बाद सुबह साढ़े सात बजे उन्हें लेबर पेन हुआ. इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्होंने बेटी को जन्म दिया.
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उज़्मा खान
- फोटो : न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
आरआई जयसिंग तोमर ने बताया की उज्मा इससे पहले भी अपने कार्यों से पुलिस डिपार्टमेंट में सराहना प्राप्त करती रहीं हैं. पीएम मोदी के आने और दो बड़े इवेंट होने से दस हजार पुलिसकर्मियों की जिम्म्मेदारी मुझे दी गई थी. उस टीम में उज्मा भी थी. मैंने उन्हें अवकाश लेने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने मना कर दिया था. वे अपनी ड्यूटी के लिए बहुत समर्पित हैं. उन्होंने पूरे विभाग के लिए मिसाल कायम की है.
सभी गतिविधियों में आगे रहती हैं उज्मा
उज्मा पुलिस डिपार्टमेंट की सभी गतिविधियों में आगे रहती हैं. उनकी साथी पुलिसकर्मी सपना खत्री बताती हैं की डिपार्टमेंट में हर जगह उज्मा की तारीफ़ होती है. वे डिपार्टमेंट के लिए आदर्श हैं.